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बर्मिंघम में छापे और गिरफ़्तारियाँ | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में पुलिस ने 21 जुलाई को लंदन में नाकाम बम धमाकों के सिलसिले में बर्मिंघम शहर से चार लोगों को गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने कहा है कि ये गिरफ़्तारियाँ बुधवार को तड़के शहर के दो ठिकानों पर छापे मारकर की गईं. पुलिस के अनुसार एक व्यक्ति को स्थिर करने के लिए इलैक्ट्रॉनिक हथियार का इस्तेमाल करना पड़ा. इस व्यक्ति को पूछताछ के लिए लंदन लाया गया है. अपराध मामलों के लिए बीबीसी संवाददाता का कहना है कि उस व्यक्ति पर संदेह है कि 21 जुलाई को नाकाम बम धमाकों में उसका हाथ रहा है. पुलिस का कहना है कि बर्मिंघम में बुधवार तड़के जिन स्थानों पर छापे मारे गए उनमें से एक स्थान पर एक संदिग्ध पैकेट पाया गया है. स्थानीय लोगों को एहतियात के तौर पर वहाँ से सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. इससे पहले पुलिस ने मंगलवार को भी लंदन के उत्तरी इलाक़े में एक मकान पर छापा मारा था. पुलिस का कहना है कि वह मकान नाकाम बम धमाकों के एक संदिग्ध अभियुक्त से संबंधित है और यह भी संदेह है कि वहाँ पर बम अंतिम रूप से तैयार किए गए.य पुलिस ने बड़ी मात्रा में कुछ सामान बरामद किया जिसे 'संभावित विस्फोटक' का नाम दिया गया. संबंध इससे पहले प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने मंगलवार को कहा था कि लंदन में बम विस्फोटों से इराक़ स्थिति का कुछ लेना-देना नहीं है लेकिन उन्होंने माना कि आतंकवादियों की भर्ती के लिए इराक़ का इस्तेमाल किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि आतंकवाद की जड़े बहुत गहरी हैं. उन्होंने कहा कि 11 सितंबर 2001 की घटना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक सबक थी लेकिन कुछ लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया. प्रधानमंत्री ब्लेयर ने कहा, "हमें ऐसे लोगों की निर्लज्जता को सार्वजनिक करने की ज़रूरत है जो ये कहते हैं कि इराक़ की चिंता के कारण वे आतंकवाद की ओर मुड़ते हैं. अगर ये वाक़ई इराक़ के कारण चिंता है तो वहाँ वे बच्चों के बीच कार बम का धमाका क्यों कर रहे हैं." एक घंटे से ज़्यादा समय तक चले संवाददाता सम्मेलन में ब्लेयर ने कहा कि ऐसे लोगों से हर स्तर पर मुक़ाबले की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, "इस समस्या की जड़े बहुत गहरी हैं और जब तक हम सभी ऐसे लोगों का मुक़ाबला हर एक स्तर पर नहीं करते हम इस समस्या से नहीं निपट सकते. हमें न सिर्फ़ इनके तरीक़ों से निपटना है बल्कि इनके विचारों से भी निपटना है." प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा कि आत्मघाती बम हमलों को किसी भी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता. चाहे वो फ़लस्तीनी क्षेत्र हो, इराक़ हो, लंदन हो, तुर्की हो, मिस्र हो या कहीं और की बात हो. |
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