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'हमलावर ब्रिटेन में ही कहीं हैं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन बम धमाकों की जाँच में जुटे स्कॉटलैंड यार्ड का मानना है कि गुरुवार को बम हमलों की कोशिश करने वाले लोग ब्रिटेन में ही हैं और उनके पास ख़तरनाक़ विस्फोटक हो सकते हैं. चाहे तीन लोग पुलिस की हिरासत में हैं लेकिन माना जा रहा है कि इनमें से कोई भी वो नहीं है जिसने धमाके करने की कोशिश की थी. पश्चिमी लंदन के एक पार्क में पुलिस को एक पैकेट मिला जिसे एक नियंत्रित विस्फोट के ज़रिए नष्ट कर दिया गया. माना जा रहा है कि उस पैकेट में पाँचवाँ बम हो सकता था. उधर पुलिस की ग़लती से मारे गए ब्राज़ीली युवक के परिवार के लोग पुलिस के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाने पर विचार कर रहे हैं. ब्राज़ील के 27 वर्षीय नागरिक ज़ॉं चार्ल्स डी मेनेज़ेज़ तब मारे गए थे जब पुलिस को शक हो गया कि वे आत्मघाती हमलावर हो सकते हैं और इसके बाद पुलिस कार्रवाई में उन्हें पाँच गोलियाँ मारी गईं. 'मुकदमा करने पर विचार' मेट्रोपोलिटन पुलिस प्रमुख ने ब्राज़ीली युवक की मृत्यु पर अफ़सोस प्रकट करते हुए माफ़ी माँगी थी लेकिन कहा था कि इसके बावजूद ब्रितानी पुलिस की नीति में कोई परिवर्तन नहीं होगा. इस घटना के बाद ब्रिटेन पुलिस को दिए गए "शूट टू किल" अधिकार यानी किसी की जान लेने के लिए गोली चलाने के अधिकार को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे. चार्ल्स के रिश्तेदार सोमवार को ब्राज़ील के विदेश मंत्री सेस्लो एमोरिम से मिलेंगे जो लंदन पहुँचे हुए हैं.
संभावना है कि सेस्लो एमोरिम सोमवार को ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ से इस विषय पर चर्चा करेंगे. चार्ल्स के रिश्तेदार एलक्स पैरेरा का कहना था कि लंदन पुलिस को अब भी कई सवालों के जवाब देने हैं. उन्होंने बीबीसी को बताया, "ये स्पष्ट है कि एक बड़ी ग़लती हुई है, जिस तरह की ग़लती विकासशील देशों में होती है. हम अब पुलिस पर मुकदमा चलाना चाहते हैं. हम ब्राज़ीली हाथ पर हाथ धर कर बैठे नहीं रहेंगे." इस घटना की जाँच स्काटलैंड का 'डायरेक्ट्रेट ऑफ़ प्रोफ़ेशनल स्टैंडर्ड्स' और 'इंडिपेंडेंट पुलिस कंप्लेंट्स कमिशन' कर रहे हैं. |
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