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ब्रितानी मंत्री ने पुलिस का बचाव किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने लंदन में पिछले दिनों हुई उस पुलिस कार्रवाई का बचाव किया है जिसमें ग़लती से ब्राज़ील के एक नागरिक को मार डाला गया. बीबीसी से बातचीत करते हुए जैक स्ट्रॉ ने ब्राज़ील के नागरिक ज़ॉं चार्ल्स डी मैनेज़ेज़ की मौत पर अफ़सोस ज़ाहिर किया पर साथ ही कहा कि संभावित आत्मघाती हमलावरों से निपटने के लिए पुलिस को प्रभावी अधिकार चाहिए. लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस के प्रमुख सर इयन ब्लेयर ने भी स्टॉकवेल स्टेशन पर पुलिस की गोलियों से मारे गए ब्राज़ील के नागरिक 27 वर्षीय जीं चार्ल्स डी मैनेज़ेज़ के परिवार से इस घटना पर माफ़ी माँगी है. लेकिन उन्होंने कहा कि संदिग्ध आत्मघाती हमलावरों का सामना करने के लिए पुलिस को दिए गए गोली चलाने के अधिकार में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा. इस बीच ब्राज़ील के विदेश मंत्री एमोरिम ने ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ से फ़ोन पर बात की. ब्राज़ील के विदेश मंत्री ने बाद में बताया कि ब्रितानी अधिकारियों ने उनसे वादा किया है कि पूरे मामले की जाँच करवाई जाएगी. मारे गए इस व्यक्ति के परिवार ने इस घटना पर रोष प्रकट किया है. गिरफ़्तारी
इस बीच पुलिस ने लंदन में तीसरे व्यक्ति को आतंकवादी मामलों से जुड़े होने के संदेह में गिरफ़्तार किया है. पहले गिरफ़्तार किए गए दो लोगों से पूछताछ करने के लिए पुलिस को और वक़्त दिया गया है. अब पुलिस बुधवार तक उनसे पूछताछ कर सकती है. पुलिस इस संभावना की छानबीन कर रही है कि क्या सात जुलाई को हुए हमले और पिछले गुरुवार को हुए हमले जुड़े हुए थे. पुलिस ने बताया है कि सात जुलाई के हमलावरों में से दो जून महीने में वेल्स में राफ्टिंग के लिए गए थे. इस बीच बीबीसी के एक संवाददाता के अनुसार सात जुलाई को हुए हमले में शामिल ज़्यादातर लोग पाक़िस्तानी मूल या पूर्वी इंग्लैंड के थे लेकिन 21 जुलाई के हमले में लिप्त संदिग्ध हमलावर पूर्वी अफ्रीकी मूल के लगते हैं जो लंदन में ही रहते हैं. |
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