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चरमपंथियों की अंतरराष्ट्रीय सूची बनेगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के गृह मंत्री चार्ल्स क्लार्क ने कहा है कि दुनिया भर में मौजूद चरमपंथियों का एक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा जिसके आधार पर चरमपंथी पृष्ठभूमि वाले लोगों को देश में दाख़िल होने से रोक दिया जाएगा. चार्ल्स क्लार्क ने कहा कि इस रिकॉर्ड में कट्टरपंथी धर्म प्रचार और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली वेबसाइटों और लेखों को 'असहनीय व्यवहार' की सूची में रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नाम इस सूची में शामिल होगा उन्हें ब्रिटेन से बाहर निकाला जा सकता है. चार्ल्स क्लार्क ने बुधवार को संसद में बताया कि लंदन बम धमाकों में मारे गए लोगों की शिनाख़्त हो चुकी है लेकिन उन्होंने मृतक संख्या और बढ़ने की आशंका भी जताई. उन्होंने बताया कि अस्पतालों अब भी 27 लोगों का इलाज चल रहा है. चार्ल्स क्लार्क ने कहा कि लंदन बम धमाकों से प्रभावित परिवारों को सहायता और सलाह-मशविरा दिया जा रहा है. प्रत्यर्पण व्यवस्था गृह मंत्री मंत्री ने बताया कि ब्रिटेन ने जॉर्डन के साथ एक सहमति-पत्र पर दस्तख़त किए हैं जिनके तहत जॉर्डन के जिन नागरिकों पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का संदेह होगा उन्हें जॉर्डन भेजा जा सकेगा.
जॉर्डन मूल के मौलवी अबू क़तादा को इस सहमति-पत्र के तहत वापस जॉर्डन भेजा सकता है. मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संधियों के अनुसार ब्रिटेन लोगों को ऐसे देशों में वापस नहीं भेज सकता जहाँ उनके साथ दुर्व्यवहार होने या मौत की सज़ा मिलने की संभावना हो. लेकिन अगर किसी देश के साथ इस बारे में समझौता हो जाता है तो यह पाबंदी हट जाती है और इसी तरह का समझौता जॉर्डन से किया गया है. सरकार कई उत्तर अफ्रीकी देशों के साथ भी इसी तरह के समझौते करने पर विचार कर रही है. प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के प्रवक्ता ने कहा कि जॉर्डन के साथ समझौते के बाद जॉर्डन के ब्रिटेन में रहने वाले बहुत से लोगों को वापस भेजा जा सकता है लेकिन प्रवक्ता ने इस बारे में और विवरण देने से इनकार कर दिया. |
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