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ब्रितानी पुलिस नीति नहीं बदलेगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की मेट्रोपोलिटन पुलिस के प्रमुख सर इयन ब्लेयर ने कहा है कि पिछले दिनों हुए एक हादसे के बावजूद ब्रितानी पुलिस की नीति में कोई परिवर्तन नहीं होगा. पिछले सप्ताह लंदन में पुलिस अधिकारियों ने ब्राज़ील के एक 27 वर्षीय नागरिक ज़ॉं चार्ल्स डी मेनेज़ेज़ को ग़लती से मार डाला था. इस घटना के बाद ब्रिटेन पुलिस को दिए गए "शूट टू किल" अधिकार यानी किसी की जान लेने के लिए गोली चलाने के अधिकार को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे. मेट्रोपोलिटन पुलिस प्रमुख ने ब्राज़ीली युवक की मृत्यु पर अफ़सोस प्रकट करते हुए माफ़ी माँगी है लेकिन उन्होंने पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई का बचाव भी किया. सर इयन ब्लेयर ने ये भी कहा है कि जिन चार संदिग्ध लोगों ने पिछले गुरूवार को लंदन में हमला करने की कोशिश की है उन्हें पकड़ने के लिए गहन कोशिश चल रही है. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हमलावर देश छोड़कर भाग गए हैं और साथ ही बहुत जल्दी सफलता मिलने की उम्मीद जताई. पूछताछ लंदन पुलिस उन तीन लोगों से पूछताछ कर रही है जिन्हें शुक्रवार और शनिवार को पकड़ा गया था. पुलिस ने शनिवार रात को एक व्यक्ति को टल्स हिल इलाक़े से गिरफ़्तार किया. इससे पहले स्टॉकवेल नाम के उस स्टेशन के पास से भी दो लोगों को पकड़ा गया था जहाँ पुलिसकर्मियों ने ब्राज़ील के एक युवक को पीछा करने के बाद गोलियों से मार डाला. पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 21 जुलाई को बम हमले करने की नाकाम कोशिश और सात जुलाई को हुए बम धमाकों के बीच किसी तरह का संबंध था कि नहीं. पुलिस ने कहा है कि सात जुलाई को हुए धमाकों में लिप्त हमलावरों में से दो लोग इस वर्ष जुलाई में कुछ ऐसे लोगों के साथ सैर के लिए वेल्स गए थे जिनका हाथ पिछले गुरूवार की घटना में हो सकता है. इसके पहले रविवार को पुलिस ने पश्चिमोत्तर लंदन में एक संदिग्ध पैक बरामद कर उसमें विस्फोट कराया. समझा जा रहा है कि इस पैक का गुरूवार की घटनाओं से संबंध हो सकता है. |
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