|
बुश ने फ़लस्तीनी राष्ट्र की फिर की पैरवी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि मध्य पूर्व संघर्ष के हल के लिए वे दो राष्ट्र के सिद्धांत का समर्थन करते हैं. फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास से मुलाक़ात के बाद राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वे शांति के लिए फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के क़दम का समर्थन करते हैं लेकिन उन्हें इसराइलियों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए और क़दम उठाने होंगे. उन्होंने इसराइल से अपील की कि वह ग़ैर क़ानूनी सैनिक चौकियों को नष्ट करे और पश्चिमी तट में नई बस्तियाँ न बनाए. पश्चिमी तट की यहूदी बस्तियों पर हमले के बाद इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. महमूद अब्बास ने मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया के लिए योजना रोडमैप को तुरंत लागू करने की अपील की. इस रोडमैप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन हासिल है. ग़ज़ा पट्टी से इसराइल की वापसी के बाद पहली बार महमूद अब्बास ने अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाक़ात की है. बातचीत के बाद राष्ट्रपति बुश ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे ग़ज़ा से इसराइल की वापसी से शांति प्रक्रिया को और मौक़ा मिला है. उन्होंने कहा फ़लस्तीनी प्रशासन को आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष करके और इसकी आलोचना करके पड़ोसी देश का भरोसा हासिल करना चाहिए. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि उन्होंने फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास को यह भरोसा दिलाया है कि अमरीका अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उस सोच को समझाने में मदद करेगा जिसमें इसराइल और फ़लस्तीनी- दो देशों को साथ-साथ शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीक़े से रहने की कल्पना की गई है. उन्होंने कहा कि वे एक नए दूत की नियुक्ति करेंगे जो शांति की कोशिश करेगा और फ़लस्तीनी अर्थव्यवस्था को फिर से ठीक करने की कोशिश करेगा. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||