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गज़ा में फ़लस्तीनियों के बीच संघर्ष | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गज़ा में रविवार को फ़लस्तीनी पुलिस और चरमपंथी संगठन हमास के सदस्यों के बीच संघर्ष हुआ जिसमें एक पुलिसकर्मी समेत तीन लोग मारे गए हैं. बताया जा रहा है कि 50 से भी अधिक लोग घायल हैं. गज़ा में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस संघर्ष में आम नागरिक भी चपेट में आ गए जिनमें कुछ बच्चे भी थे. फ़लस्तीनी पुलिस और हमास, दोनों ने नासिर स्ट्रीट में हुए संघर्ष की शुरूआत के लिए एक-दूसरे को ज़िम्मेदार ठहराया है. हमास के अनुसार हिंसा तब शुरू हुई जब पुलिस ने हमास के पूर्व नेता अब्दुल अज़ीज़ रनतिसी के बेटे को गिरफ़्तार करने का प्रयास किया. इसराइल ने पिछले वर्ष हवाई हमले कर रनतिसी की हत्या कर दी थी. वहीं फ़लस्तीनी पुलिस का कहना है कि हमास के समर्थकों ने उनपर तब हमला कर दिया जब वे एक सामान्य से विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे थे. बाद में हिंसा गज़ा के दो और शहरों में भी फैल गई और हमास सदस्यों ने पुलिस थानों पर हमले शुरू कर दिए. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये संघर्ष फ़लस्तीनी प्रशासन द्वारा गज़ा में सड़कों पर सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाए जाने के कुछ ही दिन बाद शुरू हुए हैं. फ़लस्तीनी प्रशासन शहर में क़ानून व्यवस्था में सुधार के लिए ये कोशिश कर रहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर जाने पर लगी पाबंदी को अमल में लाया जाए. हमास समेत अनेक चरमपंथी गुटों ने ये कहते हुए इस प्रयास में सहयोग का भरोसा दिलाया है कि आपराधिक गतिविधियाँ रोकने के लिए तो ऐसा करना ठीक है लेकिन वे इसराइल का सामना करने के लिए हथियार रखना ज़रूरी समझते हैं. |
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