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ग़ज़ा में इसराइल ने किए हवाई हमले | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास की हमले रोकने की घोषणा के बावजूद इसराइल ने ग़ज़ा में हवाई हमला किया है. इसराइल का कहना है कि वह उन ठिकानों को निशाना बना रहा है जिसका इस्तेमाल हथियार बनाने और उसे इकट्ठा करने के लिए हो रहा है. पिछले दिनों ग़ज़ा से इसराइल की वापसी के बाद फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने इसराइली इलाक़ों पर रॉकेट दाग़े थे. इस बीच फ़लस्तीनी मुख्य वार्ताकार साएब एराकात ने मध्यपूर्व में बढ़ती हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है. एराकात ने बीबीसी को बताया कि स्थितियाँ नियंत्रण से बाहर हो रहीं हैं और तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप ज़रूरी है. ग़ज़ा में मौजूद फ़लस्तीनी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ इसराइली हेलिकॉप्टरों ने ग़ज़ा शहर पर दो मिसाइल दाग़े. इस हमले में एक इमारत ध्वस्त हो गई. कहा जा रहा है कि इस इमारत का इस्तेमाल फ़लस्तीनी चरमपंथी कर रहे थे. इसराइली विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गिडियोन मियर ने बीबीसी को बताया कि चरमपंथियों पर नकेल कसने का कम फ़लस्तीनी प्रशासन का है. उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि फ़लस्तीनी प्रशासन ग़ैरक़ानूनी हथियारों को इकट्ठा करे. उनके 30 हज़ार सैनिक ग़ज़ा में है और रॉकेट हमला रोकने के लिए वे कुछ नहीं कर रहे." इससे पहले हमास के नेता महमूद ज़हार ने रॉकेट हमला रोकने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि हमास इस साल के शुरू में संघर्षविराम की घोषणा पर क़ायम है. फ़लस्तीनी नेता और मिस्र के मध्यस्थों ने हमास पर हमला रोकने के लिए दबाव बनाया था. बीबीसी संवाददाता एलेन जॉन्स्टन ने कहा है कि हमास को ये भी लग रहा था कि कहीं फ़लस्तीनी जनता उसे इसके लिए ज़िम्मेदार न समझ ले. रविवार को इसराइली हवाई हमले में इस्लामिक जेहाद के दो चरमपंथी मारे गए. इनमें इस्लामिक जेहाद के एक कमांडर मोहम्मद ख़लील भी शामिल थे. |
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