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ग़ज़ा धमाके में 15 लोगों की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ग़ज़ा पट्टी में फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास की एक रैली में हुए बम धमाके में कम से कम 15 लोग मारे गए हैं. इस धमाके में 86 लोग घायल हुए हैं जिनमें से कई लोगों की हालत गंभीर है. धमाका उस ट्रक में हुआ जिसमें फ़लस्तीनी चरमपंथी गोला-बारूद लेकर जा रहे थे, इस ट्रक पर हमास के हथियारबंद सदस्य भी सवार थे. यह धमाका जबालिया शरणार्थी शिविर के पास हुआ है, इसराइल ने इस घटना में किसी तरह की भूमिका होने की बात से इनकार किया है. फ़लस्तीन की सत्ताधारी फ़तह पार्टी ने इस घटना के लिए हमास को ज़िम्मेदार ठहराया है. लेकिन हमास ने कहा है कि इस घटना के लिए इसराइल ज़िम्मेदार है और उससे इसका बदला ज़रूर लिया जाएगा. ग़ज़ा पट्टी से इसराइली बस्तियाँ और सेना के हटने के बाद यह वहाँ हुई सबसे ख़तरनाक घटना है. रैली की वीडियो रिकॉर्डिंग में धुएँ का सफ़ेद बादल दिखाई देता है और चारों ओर चीख़-पुकार मच जाती है, सैकड़ों लोग इधर-उधर भागते दिखाई देते हैं. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "मैं कई मीटर दूर जाकर गिरा, जब मैंने मुड़कर देखा तो अनेक लोग ज़मीन पर घायल अवस्था में पड़े थे." समाचार एजेंसी एपी से बातचीत में हुसाम नाम के एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने किस तरह तीन लोगों को ट्रक से निकाला, इनमें से दो लोग मर चुके थे जबकि एक घायल व्यक्ति की टाँग कट गई थी. इससे पहले फ़लस्तीनी चरमपंथियों ने ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों की ओर रॉकेट दाग़े थे, इसराइली सैनिकों ने तुलकराम शहर में तीन चरमपंथियों की हत्या कर दी थी जिसके बदले में यह कार्रवाई की गई थी. लेकिन रॉकेटों से किसी के हताहत होने की कोई ख़बर नहीं है. येरूशलम से बीबीसी संवाददाता जेम्स रेनॉल्ड्स का कहना है कि ताज़ा घटनाओं से साफ़ पता चलता है कि ग़ज़ा पट्टी से इसराइली वापसी के बावजूद इस क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ है. |
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