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शेरॉन-अब्बास के बीच बैठक स्थगित | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन और फ़लस्तीनी नेता के बीच होने वाली बैठक स्थगित कर दी गई है. फ़लस्तीनी वार्ताकार साएब एराकात ने बताया है कि दो अक्तूबर को होने वाली बैठक तभी होगी जब इसके लिए सब तैयारियाँ पूरी हो जाएँगी. उन्होंने कहा कि इसराइल द्वारा संपर्क किए जाने के बाद बैठक को टालने का फ़ैसला लिया गया. फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों के हमलों के बाद इसराइल ने इस सम्मेलन की तैयारी के लिए होनी बैठक रद्द कर दी थी. फ़लस्तीनी वार्ताकार का कहना था, “हम चाहते हैं कि बैठक पूरी तैयारी से हो जिसमें सभी मुद्दों पर बात हो.” मिस्र की भूमिका साएब एराकात ने ये बयान काहिरा में दिया जहाँ महमूद अब्बास ने मिस्र के राष्ट्रपति होसनी मुबारक से मुलाक़ात की है. साएब एराकात ने बताया कि फ़लस्तीनी नेता ने मिस्र के राष्ट्रपति से अपील की है कि वो इसराइल और फ़लस्तीनी पक्ष के बीच फिर से बातचीत शुरू करवाने में मदद करें. महमूद अब्बास ने कहा है कि वो बातचीत करने के लिए अमरीका जा रहे हैं. कुछ साल पहले इसराइल में विपक्ष के नेता अरियल शेरॉन ने यरुशलम में एक विवादित स्थल का दौरा किया था जिसके बाद फ़लस्तीनी इलाक़ो में दंगे भड़क गए थे. इन दंगों और शांति वार्ता के आगे न बढ़ने के बाद ही अल-अक़्सा इंतफ़ादा की शुरूआत हुई थी. ये प्रस्तावित बैठक उसी दौरे की पाँचवी वर्षगाँठ के मौक़े पर हो रही है. हमले जारी इस बीच फ़लस्तीनी संगठनों द्वारा संघर्षविराम का पालन करने की घोषणा के बावजूद इसराइल ने ग़ज़ा पर हवाई हमले जारी रखे हैं. इसकी वजह से इलाक़े की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई. इसराइल ने एक युवा केंद्र और एक शरणार्थी शिविर को निशाना बनाया. हालांकि किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है. एक इसराइली प्रवक्ता ने कहा कि ये सभी स्थान चरमपंथियों से जुड़े हुए थे. फ़लस्तीनी दूरसंचार मंत्री डॉक्टर साबरी सैदम ने बीबीसी को बताया कि इसराइल की इस कार्रवाई से फ़लस्तीनी लोगों को उनसे और दूर किया है. उन्होंने आशंका जताई कि इससे हिंसा का नया दौर शुरू हो सकता है. इन हमलों पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है क्योंकि फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट इस्लामिक जिहाद ने घोषणा की थी कि यदि इसराइल सैन्य कार्रवाई रोके तो संघर्ष विराम संभव है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इसराइली विमान बेहद नीची उड़ानें भर रहे थे और ये किसी हमले से कम नहीं हैं. |
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