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कार्रवाई में हर तरीक़ा अपनाएँगे: शेरॉन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने ग़ज़ा पट्टी में फ़लस्तीनी चरमपंथियों के ठिकानों पर सैनिक कार्रवाई जारी रखने का आदेश दिया है. प्रधानमंत्री शेरॉन ने अपने मंत्रिमंडल को बताया कि सैनिक कार्रवाई में किन तरीक़ों का इस्तेमाल होता है, इस पर कोई पाबंदी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि चरमपंथियों के ठिकानों पर हमला करने के लिए कोई भी तरीक़ा अपनाने की छूट होगी. इस बीच ग़ज़ा में इसराइली सैनिकों ने रातभर हवाई हमले किए. इसराइल के मुताबिक़ उसने फ़लस्तीनी चरमपंथियों के ठिकाने पर हमला किया है. गिरफ़्तारी हवाई हमले में कई लोग घायल भी हुए हैं. दूसरी ओर पश्चिमी तट में इसराइली सैनिकों ने 200 से ज़्यादा संदिग्ध चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया है.
ग़ज़ा के सीमावर्ती इलाक़ों में सैनिक पहुँचना शुरू हो गए हैं. इसराइल का कहना है कि पिछले दो दिनों से फ़लस्तीनी चरमपंथी इसराइल पर रॉकेट दाग़ रहे हैं. लेकिन फ़लस्तीनी प्रशासन का कहना है कि इसराइल का यह क़दम शांति प्रक्रिया को पटरी पर लाने की कोशिशों को नुक़सान पहुँचा रहा है. इसराइल ने अपनी इस सैनिक कार्रवाई का नाम दिया है 'फ़र्स्ट रेन'. दो सप्ताह पहले ही इसराइल ने ग़ज़ा से अपनी वापसी पूर्ण की है. अब ये इलाक़ा फ़लस्तीनी प्रशासन के अधीन है. इसराइल के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इसराइल ने अपनी उस नीति को दोबारा शुरू करने का फ़ैसला किया है जिसके तहत वे जिसे ख़तरा समझते हैं, उसे मार देते हैं. सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अगर फ़लस्तीनी चरमपंथी इसराइल पर रॉकेट से हमला करना जारी रखते हैं तो इसराइल ग़ज़ा में फिर से सैनिकों को भेजने पर भी विचार कर सकता है. |
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