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इसराइल ने ग़ज़ा में मिसाइल दागे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली विमानों ने मंगलवार को फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी में अनेक स्थानों पर मिसाइल दागे हैं. इसराइल का कहना है कि यह फ़लस्तीनी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ चल रहे अभियान का हिस्सा है. इसराइली सेना ने मंगलवार को कहा कि उसने ग़ज़ा के उत्तरी हिस्से में एक पुल को निशाना बनाया है जिसके बारे में उसने कहा है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी इस पुल का इस्तेमाल उस स्थान तक पहुँचने के लिए कर रहे थे जहाँ से वे रॉकेट हमले करते हैं. एक अन्य हवाई हमले में दक्षिणी इलाक़े के शहर ख़ान यूनुस में कुछ इमारतों को निशाना बनाया गया है. इसराइली सेना के एक प्रवक्ता ने यह भी पुष्टि की है कि पश्चिमी तट में बीती रात हमास और इस्लामी जेहाद के के अस्सी से ज़्यादा कथित सदस्यों को गिरफ़्तार किया गया है. इसराइल का कहना है कि उस ने ग़ज़ा से इसराइली शहरों पर रॉकेट हमलों के बाद पिछले सप्ताहांत फ़लस्तीनी चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान शुरू किया था. शेरॉन उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने लिकुद पार्टी के नेता का चुनाव अप्रैल 2006 के बजाय इस साल नवंबर में कराने के प्रस्ताव पर मतदान कराया था. लिकुद पार्टी की केंद्रीय समिति के इस मतदान में 51.4 प्रतिशत सदस्यों ने निर्धारित समय से पूर्व चुनाव कराने का विरोध किया, जबकि 47.7 प्रतिशत ने चुनाव नवंबर में कराने के प्रस्ताव का समर्थन किया. तेल अवीव से बीबीसी संवाददाता के अनुसार 3000 सदस्यीय लिकुद केंद्रीय समिति में बहुमत शेरॉन के पक्ष में होने का ये मतलब निकाला जा सकता है कि पार्टीजनों को आम इसराइलियों के बीच शेरॉन की लोकप्रियता पर भरोसा है. ज़्यादातर लिकुद पार्टी सदस्यों को शेरॉन से अगले साल आम चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने की उम्मीद है. |
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