BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 06 अक्तूबर, 2005 को 10:07 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
फ़लस्तीनियों को ख़तरे में डालने पर रोक
फ़लस्तीनियों को मानव शील्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है
न्यायालय ने इस चलन पर ऐतराज़ किया है
इसराइली सुप्रीम कोर्ट ने चरमपंथियों को पकड़ने के लिए चलाए जाने के इसराइली सेना के अभियानों में फ़लस्तीनी नागरिकों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है.

इसराइल के मुख्य न्यायाधीश अहरोन बराक ने गुरूवार को कहा कि आम लोगों को मानव ढाल के तौर पर इस्तेमाल करने की आदत से उन्हें सेना के साथ सहयोग करने पर मजबूर होना पड़ता है और इससे अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन होता है.

मानवाधिकार संगठनों ने 2002 में इस बारे में याचिका दायर की थी उन पर सुनवाई के दौरान ही न्यायालय ने गुरूवार को यह फ़ैसला सुनाया.

2002 में न्यायालय ने अस्थाई तौर पर इसराइली सेना को इसे रोकने के आदेश दिए थे.

मानवाधिकार संगठनों ने कहा था कि इसराइली सेना ने अस्थाई प्रतिबंध का उल्लंघन किया है.

जवाब में इसराइली सेना ने कहा था कि वे फ़लस्तीनी लोगों को मानव ढाल के तौर पर तभी इस्तेमाल करेंगे जब वे इसके लिए राज़ी होंगे.

मुख्य न्यायाधीश अहरोन बराक ने कहा कि इसराइली सेना अपने उद्देश्यों के लिए आम लोगों का इस्तेमाल नहीं कर सकती.

उन्होंने कहा, "आप अपनी सैनिक ज़रूरतों के लिए आम लोगों का शोषण नहीं कर सकते और आप उन्हें अपने साथ सहयोग करने के लिए मजबूर भी नहीं कर सकते."

इस तरह के अभियानों में अनेक फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं जब उन्हें संदिग्ध चरमपंथियों के घरों की तरफ़ बढ़ने के लिए मजबूर किया गया.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>