| ईरान पर लगे आरोप निराधार: तालबानी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालबानी ने ब्रिटेन की इस बात से इनकार किया है कि इराक़ में ब्रितानी सेना पर हुए हमलों में ईरान ने विद्रोहियों की मदद की है. ईरानी टेलीविज़न पर बोलते हुए इराक़ के राष्ट्रपति ने कहा कि ये आरोप निराधार हैं. इससे पहले जलाल तालबानी ने ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से गुरुवार को लंदन में मुलाक़ात की. बैठक के बाद दोनों नेताओं ने कहा कि इराक़ में गठबंधन सेना तैनात रहनी चाहिए. इराक़ के राष्ट्रपति का कहना था कि सेना के जल्द हटने से लोकतंत्र के लिए ख़तरा पैदा हो जाएगा और ये आतंकवाद की जीत होगी. वहीं टोनी ब्लेयर का कहना था कि पश्चिम देशों को आत्मविश्वास से कहना चाहिए कि स्वतंत्रता से रहने की इराक़ी लोगों की इच्छा को विद्रोहियों को कुचलने नहीं दिया जाएगा. ईरान ईरान द्वारा विद्रोहियों को हथियार उपलब्ध करवाने के आरोप पर ब्रितानी प्रधानमंत्री ने कहा है ये पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि आरोप सही हैं या नहीं. लेकिन ऐसे संकेत मिले हैं कि इराक़ में ब्रितानी सैनिकों पर हुए हमलों में ईरान का हाथ है. उन्होंने कहा कि इराक़ में जिन विस्फोटक उपकरणों का उपयोग हुआ है वे ईरान या फिर हिज़बुल्ला की ओर इशारा करते हैं. लेकिन टोनी ब्लेयर ने साथ ही कहा है कि निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता. राष्ट्रपति तालबानी की ब्रिटेन यात्रा ऐसे समय हो रही है जब एक सप्ताह के बाद इराक़ के नए संविधान पर जनमतसंग्रह होना है. इराक़ में अधिकारियों ने संविधान के मसौदे की प्रतियाँ बाँटनी शुरू कर दी हैं. हिंसा उधर इराक़ की राजधानी बग़दाद में हुए दो कार बम धमाके में कम से कम 13 लोग मारे गए हैं. पहला धमाका तेल मंत्रालय के पास हुआ जिसमें 10 लोग मारे गए और आठ अन्य घायल हो गए. ये स्पष्ट नहीं है कि मारे गए लोग पुलिसकर्मी थे या तेल मंत्रालय के कर्मचारी. बग़दाद के पूर्व क्षेत्र में एक आत्मघाती हमलावर ने कुछ अमरीकी ठेकेदारों पर हमला किया. इसमें आसपास खड़े तीन लोग मारे गए. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||