| इराक़ में सुन्नियों का विरोध प्रदर्शन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में सुन्नी समुदाय के हज़ारों लोगों ने देश के संविधान के मसौदे के विरोध में बक़ूबा शहर में प्रदर्शन किया है. इराक़ी संविधान के मसौदे पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है. बक़ूबा में अनेक प्रदर्शनकारियों के हाथ में पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के चित्र थे. इराक़ के सुन्नियों को संविधान के मसौदे के उन कई हिस्सों पर आपत्ति है जिन पर शिया और कुर्द पक्षों में सहमति बन चुकी है. एक वरिष्ठ शिया नेता ने कहा है कि सुन्नियों की माँगों को लेकर और ज़्यादा रियायतों की गुंजाईश नहीं है. हालाँकि ऐसी रिपोर्टें सामने आ रही हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने एक शिया नेता को फ़ोन कर संविधान के मसौदे पर आम सहमति बनाने का आग्रह किया है. बुश ने की बातचीत अंतरिम इराक़ी सरकार में शामिल शिया नेताओं के क़रीबी सूत्रो के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर ने ख़बर दी है कि बुश ने अब्दुल अज़ीज़ अल-हकीम से फ़ोन पर बात की है. इसी सप्ताह हुई बातचीत में बुश ने सुन्नी नेताओं की माँगों के प्रति शियाओं को ज़्यादा उदारता दिखाने के लिए कहा है. हालाँकि एक वरिष्ठ शिया नेता अब्बास अल-बयाती ने कहा है कि शियाओं की तरफ़ से प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा चुका है जिसमें संघवाद और बाथ पार्टी के बारे में रियायतें बरती गई हैं. इन रियायतों का विवरण देने से इनकार करते हुए अल-बयाती ने कहा, "हम इससे ज़्यादा रियायतें नहीं दे सकते." इस बीच इराक़ी संसद के स्पीकर हाजिम अल-हसनी ने कहा है कि जो भी हो अक्तूबर में संविधान के मसौदे पर जनमत संग्रह कराया जाना तय है. |
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