| इराक़ी संविधान के लिए अवधि बढ़ाई गई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में नए संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए समयसीमा एक और दिन के लिए बढ़ा दी गई है. इराक़ी संसद के स्पीकर हाजिम अल हशमी ने गुरुवार रात बग़दाद में यह घोषणा की. इससे पहले गुरूवार मध्यरात्रि तक की तय समय सीमा में मसौदे पर सहमति नहीं बन पाई थी. संविधान के मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक गुटों में मतभेद अब भी बने हुए हैं. इस बीच इराक़ में अंतरिम सरकार के प्रवक्ता लीथ कुब्बा ने कहा है कि राजनेता नए संविधान के मसौदे में कुछ संशोधन पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने कहा कि तीन विवादास्पद प्रावधानों को संशोधित किया गया है. कुब्बा ने उम्मीद व्यक्त की कि रविवार को संविधान के मसौदे को मंज़ूरी के लिए संसद में पेश किया जा सकता है. सुन्नी अरब नेताओं ने नए संविधान को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आपत्ति उठाई है. इनमें प्रमुख हैं- संघीय शासन व्यवस्था और पूर्व बाथ पार्टी के सदस्यों पर पाबंदी. इससे पहले शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के क़रीबी दो मंत्रियों ने कहा था कि वे नजफ़ में हुए हमलों के विरोध में सरकारी कामकाज का बहिष्कार कर रहे हैं. बुधवार को नजफ़ में प्रतिद्वंद्वी शिया गुटों के बीच हिंसा में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी. |
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