BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 24 अगस्त, 2005 को 03:44 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'सुन्नियों को कोई एक रास्ता चुनना होगा'
जॉर्ज बुश
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि इराक़ के सुन्नी समुदाय को शांति और हिंसा में से किसी एक रास्ते का चयन करना होगा.

उन्होंने कहा कि इसमें कोई हैरत की बात नहीं है कि संविधान पर सहमति बनाने में मुश्किल हो रही है.

राष्ट्रपति बुश ने कहा कि ये एक अनोखी बात है कि जिस देश ने सिर्फ़ तानाशाही देखी है वहाँ ऐसा संविधान लिखा जा रहा है जिसमें औरतों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात हो रही है.

उनका कहना था कि इराक़ तेज़ी से तानाशाही से लोकतंत्र की ओर बढ़ रहा है और ये मध्य पूर्व के लिए बदलाव का संकेत हो सकता है.

इराक़ से सेना वापस बुलाने की माँग को जॉर्ज बुश ने सिरे से खारिज कर दिया है.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इराक़ से अभी सेना को वापस बुलाना ग़लती होगी. जो लोग ऐसा करने के लिए कह रहे हैं वो एक ऐसी नीति का समर्थन कर रहे हैं जिससे अमरीका कमज़ोर होगा.”

इस बीच सुन्नियों ने कहा है कि संविधान का मसौदा तैयार करने में उनके सभी हितों की बात नहीं की गई है.

सद्दाम हुसैन के शासन के तहत सुन्नी नेता काफ़ी अहम पदों पर थे और इस वक़्त इराक़ में विद्रोही गतिविधियों को रोकने में उनकी अहम भूमिका हो सकती है.

इराक़ में जातीय हिंसा रोकने के लिए सुन्नियों का संविधान को स्वीकार किया जाना काफ़ी अहम है.

हाल के दिनों में राष्ट्रपति बुश पर घरेलू स्तर पर यह दबाव बढ़ा है कि इराक़ में राजनीतिक या सैनिक सफलता देखने को मिले.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>