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पाकिस्तानी बंधक इराक़ में रिहा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अधिकारियों ने बताया है कि इराक़ में पिछले हफ़्ते अग़वा किए गए 11 पाकिस्तानी लोगों को रिहा कर दिया गया है. एएफपी समाचार एजेंसी के मुताबिक़ पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दो भारतीय और मिस्र के दो लोगों को भी रिहा कर दिया गया है. एक कुवैती कंपनी के लिए काम कर रहे पाकिस्तानी लोगों को एक अज्ञात गुट ने दक्षिणी इराक़ से अग़वा कर लिया था. अपहरण के समय ये लोग बग़दाद जा रहे थे. जिस बस में ये लोग जा रहे थे उसमें मिस्र और भारत के भी कुछ लोग थे. पाकिस्तान सरकार ने अपने नागरिकों से इराक़ न जाने की अपील की है. अगस्त 2004 में तीन भारतीयों के अपहरण के बाद भारत ने अपने नागरिकों के इराक़ जाने पर रोक़ लगा रखी है. हमला पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद नईम खान ने बताया है कि रिहा किए गए लोग जल्द ही कुवैत लौट आएँगे. उन्होंने कहा कि इन लोगों को बसरा ले जाया गया है और अगले कुछ घंटों में उन्हें कुवैत भेज दिया जाएगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि बंदियों को रिहा किए जाने के सिलसिले में अगर कोई बातचीत हुई है तो पाकिस्तान को इसकी जानकारी नहीं है. आंतकवाद के ख़िलाफ़ अमरीका की लड़ाई में पाकिस्तान अमरीका का सहयोगी रहा है लेकिन इराक़ पर हमले का वो विरोध करता आया है. बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास के मुताबिक़ ये चौथा मौक़ा है जब इराक़ में पाकिस्तानी नागरिकों को निशाना बनाया गया है. जुलाई में बग़दाद में पाकिस्तानी राजदूत पर हमले के बाद पाकिस्तान को अपना दूतावास जॉर्डन में स्थानांतरित करना पड़ा था. |
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