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इराक़ में मिस्र के राजदूत का अपहरण | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में मिस्र के राजदूत का अपहरण कर लिया गया है. उन्होंने पाँच हफ़्ते पहले ही ये पद संभाला था. मिस्र के राजनयिकों ने इन ख़बरों की पुष्टि कर दी है कि उनके राजदूत इहाब-अल-शरीफ़ का शनिवार रात बग़दाद में अपहरण हो गया. मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इराक़ी अधिकारियों के संपर्क में है और इस संबंध में और जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं. मिस्र अरब का पहला देश है जिसने इराक़ पर सन् 2003 में अमरीका की अगुआई में हुए हमले के बाद अपना इराक़ में अपना राजदूत नियुक्त किया था. इहाब-अल-शरीफ़ इराक़ में मिस्र के सबसे वरिष्ठ राजनयिक थे. पिछले महीने मिस्र सरकार ने उनको अपना राजदूत नियुक्त कर दिया था. इराक़ सरकार ने इस फ़ैसले के लिए मिस्र सरकार की सराहना की थी. उल्लेखनीय है कि सद्दाम हुसैन के शासनकाल में पड़ोसी देश कुवैत पर इराक़ के हमले के बाद कई अरब राष्ट्रों ने इराक़ से अपने राजदूतों को वापस बुला लिया था. फ़िलहाल बग़दाद में मिस्र के दूतावास के बाहर भारी सुरक्षा की गई है और संवाददाताओं को भी नहीं जाने दिया जा रहा है. पिछले वर्ष पिछले वर्ष इसी महीने इराक़ में एक राजनयिक का अपहरण कर लिया गया था लेकिन बाद में उसे बिना किसी नुक़सान के छुड़ा लिया गया. इस राजनयिक ने रिहाई के बाद ये कहा कि अपहर्ताओं के साथ किसी तरह की कोई सौदेबाज़ी नहीं की गई थी. मोहम्मद कुत्ब नामक इस राजनयिक का अपहरण करनेवाले बंदूकधारियों ने ख़ुद को लायन्स ऑफ़ अल्लाह ब्रिगेड नामक एक गुट का सदस्य बताया था. उनका कहना था कि उन्होंने इराक़ी सुरक्षाबलों को प्रशिक्षित करने के मिस्र के प्रस्ताव के विरोध में ये अपहरण किया. इस घटना के बाद मिस्र ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया था. |
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