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इराक़ में भ्रष्टाचार पर आयोग की चिंता | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए गठित एक स्वतंत्र आयोग ने कहा है कि इराक़ में अधिकतर सरकारी मंत्रालयों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है. आयोग ने समस्या के समाधान के लिए सरकारी कर्मचारियों के वेतन बढ़ाए जाने का सुझाव दिया है. इस आयोग ने इराक़ में भ्रष्टाचार संबंधी मामलों में 40 सरकारी कर्मचारियों के ख़िलाफ़ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. इनमें ईयाद अलावी की पिछली सरकार में मंत्री रहे दो इराक़ी नेता भी शामिल हैं. लेकिन इराक़ी आयोग के प्रवक्ता का कहना है कि समस्या अभी भी बेहद गंभीर है. समस्या प्रवक्ता अली शाबोत का कहना है कि कई बार कर्मचारी अपने संबंधियों को लेकर आते हैं और उन्हें ही ठेके दिलवा देते हैं. अली शाबोत ने कहा,"सद्दाम हुसैन के समय से ही हमें भ्रष्टाचार की एक बड़ी विरासत मिली और पिछले दो सालों में इसकी दशा और गंभीर हुई है". जिन दो पूर्व मंत्रियों के ख़िलाफ़ वारंट जारी किया गया है उनमें से एक इराक़ के श्रम मंत्री और एक यातायात मंत्री थे. पूर्व श्रम मंत्री ने तो अपने ऊपर लगाए गए आरोप को ग़लत बताया है लेकिन दूसरे पूर्व मंत्री देश से बाहर हैं. एक इराक़ी अदालत ने चेतावनी दी है कि अगर पूर्व यातायात मंत्री देश वापस नहीं लौटते तो इंटरपोल की मदद ली जाएगी. |
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