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'सेना की वापसी की समय-सीमा नहीं' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि जब तक इराक़ी जनता अपने यहाँ संप्रभु सरकार स्थापित नहीं कर लेती अमरीकी सैनिक वहाँ से वापस नहीं आएँगे. राष्ट्रपति बुश ने शुक्रवार को इराक़ी प्रधानमंत्री इब्राहिम अल जाफ़री से वाशिंगटन में मुलाक़ात की. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अभी भी इराक़ में कई महत्वपूर्ण कार्य होने हैं जिनमें से एक है इराक़ी संविधान का मसौदा तैयार करना. उन्होंने कहा कि इराक़ से अमरीकी सैनिकों की वापसी के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं होगी. मिशन राष्ट्रपति बुश ने कहा कि चरमपंथी इराक़ी और अमरीकी लोगों की इच्छाशक्ति को डिगाना चाहते हैं लेकिन कोई भी सरकार 'अपने मिशन' से नहीं भटकेगी. इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहिम अल जाफ़री ने कहा कि उनकी सरकार और सुरक्षा बल दोनों देश में अच्छा काम कर रहे हैं और यह समय पीछे हटने का नहीं है. अमरीकी सैनिकों के इराक़ में मारे जाने के बारे में राष्ट्रपति बुश ने कहा कि जिनके परिजन इराक़ में मारे गए हैं उनको सांत्वना देना सबसे मुश्किल काम है. राष्ट्रपति बुश ने कहा, "हमारे दुश्मनों का लक्ष्य है- हमें इराक़ से बाहर भेजना. लेकिन वे सफल नहीं होंगे. यह बड़ा मुश्किल काम है. फिर भी प्रगति हो रही है और दुश्मनों की हार तय है." इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहिम अल जाफ़री ने राष्ट्रपति बुश से अपील की कि वे इराक़ के पुनर्निर्माण कार्यों में और सहायता दें. उन्होंने कहा कि अमरीका उसी स्तर की सहायता इराक़ को दे जो उसने दूसरे विश्व युद्ध के बाद जर्मनी के पुनर्निर्माण के लिए दी थी. दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि अगस्त की समय-सीमा तक इराक़ के नए संविधान पर सहमति हो जाएगी. |
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