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नजफ़ में शिया गुटों में संघर्ष, पाँच मरे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के दक्षिणी शहर नजफ़ में कट्टरपंथी शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र समर्थकों की एक प्रतिद्वंद्वी शिया समूह के लोगों से भिड़ंत में कम से कम पाँच लोग मारे गए हैं. संघर्ष के दौरान सद्र के दफ़्तर में आग लगा दी गई. नजफ़ में संघर्ष की शुरूआत तब शुरू हुई जब सद्र समर्थकों ने इमाम अली के मज़ार के पास अपना दफ़्तर फिर से खोल दिया. एक सद्र समर्थक मंत्री ने कहा है कि स्थिति को नियंत्रित किए जाने तक वह सरकार के कामकाज़ से ख़ुद को अलग रखेंगे. नजफ़ का तनाव ऐसे समय सामने आया है जब इराक़ी संसद देश के नए संविधान पर मतदान की तैयारी कर रही है. सद्र प्रस्तावित संविधान के विरोधी हैं. उल्लेखनीय है कि पिछले साल सद्र समर्थकों ने इराक़ में मौजूद अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ विद्रोह शुरू किया था. इस बीच सुन्नी समुदाय के एक नेता ने कहा है कि शियाओं के प्रभाव वाला आंतरिक मंत्रालय सुन्नियों को गिरफ़्तार करने का अभियान चला रहा है ताकि वो संविधान पर होने वाले जनमतसंग्रह में हिस्सा न ले सकें. सुन्नी नेताओं ने संघीय ढाँचे के मुद्दे को लेकर संविधान का मसौदा तैयार करने में सहयोग न करने की बात कही है. हिंसा का दौर उधर इराक़ की राजधानी बग़दाद में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. पुलिस के अनुसार बुधवार को बग़दाद में एक कार बम धमाके समेत हिंसा की विभिन्न घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है. कार बम धमाके में पुलिस को निशाना बनाया गया था. उसके बाद नकाबपोश बंदूकधारियों ने जम कर गोलियाँ चलाईं. पुलिस सूत्रों के अनुसार इस हमले में मारे गए लोगों में कम से कम तीन पुलिसकर्मी शामिल थे. इस घटना में 50 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए. |
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