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कुरई ने 'हत्या' की निंदा की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई ने पश्चिमी तट के एक शरणार्थी शिविर तुलकरम में इसराइली सैनिकों के छापे और गोलीबारी में पाँच फ़लस्तीनियों के मारे जाने की घटना की निंदा की है. क़ुरई ने कहा है कि इसराइली कार्रवाई से यह नज़र आता है कि इसराइल शांति नहीं चाहता है. कुरई ने इस घटना को नृशंस हत्याकांड बताते हुए इसकी निंदा की है. उन्होंने कहा कि इसराइल तुलकरण जैसी घटनाओं और अपनी नीतियों के ज़रिए पश्चिमी तट मालेह अडूमीम के आसपास की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करना चाहता है ताकि फ़लस्तीनी राष्ट्र बनने और शांति स्थापनी की कोई संभावना ना बची रहे. इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन कह चुके हैं कि पश्चिमी तट में यहूदी बस्तियों का निर्माण कार्य जारी रहेगा, साथ ही शेरॉन और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियाँ हटाने के बाद के माहौल में बातचीत फिर से शुरू होने और नए सहयोग की उम्मीद जताई है. ग़ौरतलब है ग़ज़ा पट्टी और पश्चिमी तट के उत्तरी हिस्से से कुछ यहूदी बस्तियाँ हटाने के बाद इसराइल की तरफ़ से यह पहली सैन्य कार्रवाई थी. येरुशलम में बीबीसी संवाददाता जिम फिश का कहना है कि इसराइली सेना ने कहा है कि तुलकरण शरणार्थी शिविर पर इसराइली सैनिकों के छापे में पाँच फ़लस्तीनी मारे गए जिनके बारे में कहा गया है कि वे नेतान्या में जुलाई में हुए आत्मघाती हमले में वांछित थे. मौक़े पर मौजूद लोगों का कहना है कि इन लोगों को शरणार्थी शिविर के भीतर उनके घर में घेराबंदी करके मार दिया गया. कहा जा रहा है कि ये सैनिक शरणार्थी शिविर में घुसे और एक घर की नाकेबंदी कर ली जिसके बाद गोलीबारी शुरू हुई. स्थानीय नागरिकों के मुताबिक़ इस घटना में जेहादी इस्लामी मूवमेंट के कई बड़े नेता मारे गए हैं. इसराइल के अधिकारियों का कहना है कि ये गुट इस साल तेल अवीव और नेतन्या में हुए आत्मघाती हमलों में शामिल था जिसमें 10 लोग मारे गए थे. इससे पहले येरुशलम में एक फ़लस्तीनी ने एक अमरीकी यहूदी की हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया. इस घटना से पहले लंबे समय से येरुशलम में माहौल शांतिपूर्ण रहा है. |
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