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बुश ने नीतियों की फिर हिमायत की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 'आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध' और इराक़ के बारे में अमरीकी नीति की एक बार फिर हिमायत की है. बुश ने कहा है कि अगर इराक़ में विद्रोही गतिविधियाँ जारी रखने दी गईं तो पश्चिमी देशों के लिए आतंकवादी हमलों का ख़तरा और बढ़ जाएगा. अमरीकी में जनमत सर्वेक्षणों में राय ज़ाहिर की गई है कि ज़्यादातर अमरीकी ये सोचते हैं कि इराक़ में संघर्ष सही ख़तरनाक स्थिति में चल रहा है. बुश ने कहा कि जब तक वे अमरीका के राष्ट्रपति हैं, उनका देश आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध जारी रखेगा और जीत हासिल करेगा. उन्होंने आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में समर्थन की अपील करते हुए कहा कि अमरीका आतंकवाद के ख़िलाफ़ अपना अभियान जारी रखेगा. इडाहो प्रांत में सैनिकों के परिवार वालों और अन्य लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा कि अमरीका उस समय तक आतंकवादियों की तलाश करेगा जब तक उनके लिए छिपने की कोई जगह नहीं बच पाएगी. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि आतंकवादियों को 'नाकाम देशों' में पनाह लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी जैसे पहले अफ़ग़ानिस्तान में हुआ था. उन्होंने कहा कि अमरीका इसका इंतज़ार नहीं करेगा कि उसके ऊपर 11 सितंबर जैसे हमले फिर हो. राष्ट्रपति बुश ने कहा, "अमरीका इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में अपना काम पूरा करेगा. वहाँ से सैनिकों को हटाए जाने से आतंकवादी और मज़बूत ही होंगे." बुधवार को ही इराक़ की राजधानी बग़दाद में क़रीब चालीस बंदूकधारियों ने कुछ पुलिस नाकों पर हमला किया जिसके बाद भारी लड़ाई हुई. नजफ़ और कुछ अन्य शहरों में शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों और विद्रोहियों के बीच झड़पें भी हुईं. इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री ने कहा कि इराक़ के लोगों को आपस में नहीं लड़ना चाहिए बल्कि उन्हें देश के दुश्मनों के ख़िलाफ़ लड़ाई करनी चाहिए. |
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