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जर्मनी ने अमरीका को चेतावनी दी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी के चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर ने अमरीका को चेतावनी दी है कि वो परमाणु मुद्दे पर ईरान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई की बात नहीं करे. श्रोएडर का बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले ही अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ईरान के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई का विकल्प खुला होने की बात की थी. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय दबाव की अनदेखी करते हुए पिछले सप्ताह अपना परमाणु कार्यक्रम दोबारा शुरू किया है. अपनी पार्टी के चुनाव अभियान की शुरूआत करते हुए श्रोएडर ने एक रैली में कहा कि कोई नहीं चाहता कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करे, लेकिन उससे बातचीत के ज़रिए निपटा जाना चाहिए. जर्मन चांसलर ने कहा, "हमें सैनिक विकल्प की बात नहीं करनी चाहिए. हमने देखा है कि यह काम नहीं करता." श्रोएडर ने कहा कि यूरोप और अमरीका को मिल कर ईरान के साथ बातचीत में अपना मज़बूत पक्ष रखना चाहिए. ख़तरनाक विकल्प इससे पहले एक जर्मन साप्ताहिक को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने सैनिक कार्रवाई के विकल्प को अत्यंत ख़तरनाक क़रार दिया. उन्होंने कहा कि उनके चांसलर रहते उनका देश सैनिक कार्रवाई में शामिल नहीं होगा. उल्लेखनीय है कि श्रोएडर ने इराक़ पर हमले की अमरीका और ब्रिटेन की योजना का भी खुलकर विरोध किया था. तब उनके रुख़ को जर्मन जनता का समर्थन मिला था और वो दोबारा चांसलर चुने गए थे. |
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