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ईरान मुद्दे पर दूसरे दौर की बातचीत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आज विएना में दूसरे दिन की बातचीत करेगी. एजेंसी चाहती है कि यूरेनियम संवर्धन के अपने कार्यक्रम को ईरान ख़ुद ही रोक दे. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी इस बात पर विचार कर रही है कि ईरान पर प्रतिबंध लगाने का मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजा जाए या नहीं. आईएईए में ब्रिटेन के प्रतिनिधि पीटर जेन्किन ने बीबीसी को बताया कि ऐसा लगता है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को मामला भेजे जाने समेत दूसरे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है. ईरान का रूख़ ईरान ने सोमवार को घोषणा थी कि उसने इस्फ़हान में अपने परमाणु संयत्र के एक हिस्से को खोल दिया है. बुधवार को ईरान संयत्र के बाकी दो हिस्सों की सील भी हटा देगा जिसके बाद संयत्र के पूरी तरह चालू होने के लिए स्थितियाँ पैदा हो गई हैं. ईरान का कहना है कि वो बातचीत के लिए तैयार है जब तक इसके लिए कोई शर्त न रखी जाए. ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि यूरेनियम संरवर्धन का काम शुरू करके ईरान ने कुछ ग़लत नहीं किया है. उन्होंने कहा कि कैबिनेट के गठन के बाद वे इस मुद्दे पर नए प्रस्ताव सामने रखेंगे. रूस उधर रूस ने ईरान से कहा है कि वह यूरेनियम संवर्धन का काम फ़ौरन बंद कर दे. रूसी विदेश मंत्रालय का कहना है कि "यूरेनियम संवर्धन का काम बिना देर किए बंद कर देना ही समझदारी भरा क़दम होगा." रूस की ओर से आए इस बयान को अहम माना जा रहा है क्योंकि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम का निकट सहयोगी है और वह एक परमाणु संयंत्र बनाने में ईरान की मदद भी कर रहा है. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र और अमरीका ने ईरान को चेतावनी दी थी कि वह इस्फ़हान के परमाणु संयंत्र में शुरू किया गया काम बंद कर दे. इस बीच अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कि ये एस सकारात्मक संकेत है कि ईरान बातचीत फिर से शुरू करने पर राज़ी होता दिख रहा है. यूरोपीय संघ की तरफ़ से फ्रांस ने कहा है कि इस मामले का बातचीत से हल अब भी संभव है. |
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