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शनिवार, 25 जून, 2005 को 06:30 GMT तक के समाचार
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'शक्तिशाली इस्लामी राष्ट्र बनाएँगे'
अहमदीनेजाद
अहमदीनेदाज बड़े अंतर से जीते हैं
ईरान में राष्ट्रपति चुनाव में भारी बहुमत से जीते कट्टरपंथी उम्मीदवार महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि वह ईरान को एक आधुनिक, प्रगतिशील और शक्तिशाली इस्लामी राष्ट्र बनाने का प्रयास करेंगे.

अमरीका ने ईरानी राष्ट्रपति चुनाव की वैधता पर ही सवाल खड़ा किया है, जबकि ब्रिटेन ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति से ईरानी परमाणु कार्यक्रम को लेकर बनी अंतरराष्ट्रीय चिंता को दूर करने की अपील की है.

ईरान के आध्यात्मिक नेता अयातुल्ला अली खमनेई ने कहा है कि अमहदीनेजाद के निर्वाचन से अमरीका का घमंड चूर हुआ है.

अहमदीनेजाद की जीत को ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा चुनावी उलटफेर माना जा रहा है.

ईरानी गृह मंत्रालय ने दूसरे दौर के मतदान के बात अधिकांश वोटों की गिनती हो जाने के बाद बताया है कि अहमदीनेजाद को लगभग 62 प्रतिशत वोट मिले हैं.

उनके प्रतिद्वंद्वी उदारवादी उम्मीदवार और पूर्व राष्ट्रपति अकबर हाशमी रफ़संजानी को क़रीब 36 प्रतिशत मत मिले हैं.

अहमदीनेजाद की जीत के साथ ही ईरान का शासन अब पूरी तरह कट्टरपंथियों के हाथों में आ गया है.

इसी के साथ आशंका जताई जाने लगी है कि शायद नए राष्ट्रपति पिछले कुछ वर्षों में हुए सामाजिक सुधारों को उलट दें क्योंकि उन्होंने खुल कर ईरानी क्रांति के इस्लामी मूल्यों की वकालत की है.

विश्लेषकों का मानना है कि तेहरान के मेयर अहमदीनेजाद की जीत उनकी ग़रीब समर्थक छवि के कारण हुई है.

उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में ईरान में बेरोज़गारी के साथ-साथ ग़रीबों और अमीरों के बीच की खाई बहुत बढ़ गई है.

प्रतिक्रियाएँ

जीत के बाद अपने पहले बयान में महमूद अहमदीनेजाद ने कहा है कि वह ईरान को एक आधुनिक, प्रगतिशील और शक्तिशाली इस्लामी राष्ट्र बनाना चाहते हैं जो कि पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श हो.

अमरीका ने ईरानी चुनाव परिणाम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जबकि ईरान के आध्यात्मिक नेता अयातुल्ला अली खमनेई ने अहमदीनेजाद की जीत को अमरीका का अहंकार तोड़ने वाला बताया है.

अमरीकी विदेश विभाग के बयान में ईरानी चुनाव को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा गया है कि वहाँ सैंकड़ो संभावित उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति ही नहीं दी गई थी.

अमरीकी विदेश विभाग की प्रवक्ता जोनी मूर ने कहा कि चुनाव से ज़ाहिर हो जाता है कि क्षेत्र के इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान जैसे देशों में चल रही स्वतंत्रता की लहर से ईरान दूर है.

प्रवक्ता ने कहा कि ईरान सरकार न तो जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में रूचि ले रही है, और न ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को दूर करने में.

हालाँकि मूर ने यह भी कहा कि अमरीका इस बात को स्वीकार करता है कि ईरानी जनता को अपने फ़ैसले लेने और भविष्य तय करने का अधिकार है.

ब्रितानी विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ ने कहा है कि अहमदीनेजाद को ईरानी परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता को दूर करने का प्रयास करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि चुनाव में ईरानी जनता को ज़्यादा विकल्प नहीं दिए गए थे. स्ट्रॉ ने पहले चरण के मतदान में व्यापक अनियमितताओं के आरोप का भी उल्लेख किया.

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