| बुश ने इराक़ी नेताओं की सराहना की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ के नए संविधान पर सहमति के लिए इराक़ी नेताओं की कोशिशों की सराहना की है. हालाँकि अभी भी नए संविधान के मसौदे पर सहमति नहीं हो पाई है और संसद में मंज़ूरी के लिए इसे पेश किए जाने की समयसीमा भी एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है. इसके बावजूद अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने इराक़ी नेताओं की कोशिशों को 'बहादुरी' बताया. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलिज़ा राइस ने कहा कि इराक़ियों ने नए संविधान पर सहमति के लिए अच्छी प्रगति की है. राइस ने कहा कि सभी मुद्दों पर प्रगति हुई है. बीबीसी संवाददाता जोनाथन बील का कहना है कि पहले अमरीका ही 15 अगस्त की समयसीमा के अंदर संविधान पर सहमति के लिए ज़ोर डाल रहा था. नज़रअंदाज़ लेकिन अब वही सहमति न बनने की नाकामी को नज़रअंदाज़ करने की कोशिश कर रहा है. अमरीकी विदेश मंत्री राइस ने कहा कि यही लोकतंत्र है.
उन्होंने कहा कि नए इराक़ के गठन के लिए इराक़ के लोग अपनी प्रतिबद्धता प्रकट कर रहे हैं. राइस ने कहा कि नए संविधान के मसौदे पर सहमति के लिए और समय मांगना यही दर्शाता है कि वे ऐसा संविधान चाहते हैं जिसे व्यापक समर्थन मिले. राइस ने कहा, "मेरा मानना है कि वे इसे पूरा कर लेंगे. मैंने इराक़ी लोगों की प्रतिक्रिया सुनी है और उनका मानना है कि वे इसे जल्द ही पूरा कर लेंगे. मैं नहीं मानती कि इससे आगे हमें कुछ अटकल लगाने की आवश्यकता है." राइस ने कहा कि यह ऐसी प्रक्रिया है जिसमें इराक़ियों की ही भागीदारी है. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक सुन्नियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने की कोशिश की गई और साथ में महिलाओं के अधिकारों को भी ध्यान में रखा गया है. |
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