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बग़दाद में इराक़ी संविधान पर बैठक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के नए संविधान को लेकर पैदा हुए गतिरोध को दूर करने के लिए इराक़ी नेता आज बग़दाद में मिल रहे हैं. ये बैठक शुक्रवार को ही होनी थी लेकिन स्वायत्त कुर्द इलाक़े में संसद की एक आपात बैठक के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया था. रविवार को होने वाली बैठक में भावी सरकार के ढाँचे, महिलाओं के अधिकार और देश के औपचारिक नाम पर बात होनी है. संविधान के मसौदे को लेकर काम 15 अगस्त तक पूरा होना है जिसके बाद अक्तूबर में जनमतसंग्रह होगा. इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहिम जाफ़री ने शनिवार को कहा कि देश के मुख्य शिया मौलवी संघीय आधार पर बने इराक़ के लिए तैयार हैं. प्रधानमंत्री जाफ़री ने बताया कि आयतुल्ला अली सिस्तानी ने कहा है कि अगर लोग चाहते हैं तो उन्हें संघीय आधार पर बना इराक़ स्वीकार है. लेकिन बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ कुछ लोग इस बात को लेकर चिंतित है कि संघीय ढाँचा इराक़ के टूटने का सबब बन सकता है. एक ओर जहाँ कुर्द इस ढाँचे के तहत अपनी स्वायत्ता की रक्षा करना चाहते हैं वहीं सुन्नी नेताओं को डर है कि इससे उन्हें नुक़सान हो सकता है. इराक़ में अमरीका के राजदूत ने भी नेताओं से अपील की है कि संविधान का इस्तेमाल महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ भेदभावपूर्ण क़ानून बनाने के लिए न करें. अमरीका चाहता है कि संविधान समय पर तैयार होकर पारित हो जाए ताकि विद्रोही गतिविधियों में कमी आए. इससे अमरीका अगले साल से अपनी सैनिक मौजूदगी कम कर सकता है. |
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