|
अंतिम समझौते के लिए बातचीत जारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के संविधान को लेकर बग़दाद में बातचीत फिर शुरू हो गई है. संविधान का मसौदा सोमवार को संसद में पेश किया जाना है. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ विभिन्न गुट अपनी अपनी बात मनवाने की कोशिश कर रहे हैं. सुन्नी समुदाय के लोगों का कहना है कि उन्हें संघीय इराक़ मंज़ूर नहीं है. संसाधनों के बटवारे को लेकर भी असहमति है. रॉयटर्स समाचार एजेंसी के मुताबिक़ सुन्नी नेता सलेह मुतलाक़ ने कहा है कि वो रविवार को समझौता होने के प्रति आश्वस्त हैं लेकिन कुछ जटिल मुद्दों पर फ़ैसला बाद के लिए टाला जा सकता है. इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तलाबानी ने उम्मीद जताई है कि देश के नए संविधान का मसौदा रविवार को तैयार हो जाएगा और कई मुद्दे सुलझा लिए गए हैं. असहमति कुर्द और शिया सदस्य इस बात पर राज़ी हो गए हैं कि इराक़ को संघीय गणराज्य या इस्लामी न कहा जाए और देश का आधिकारिक नाम इराक़ी गणराज्य होगा. लेकिन इराक़ में सत्ता के विकेंद्रीकरण को लेकर मतभेद बने हुए हैं. दक्षिण इराक़ में स्वायत्त इलाक़ा बनाए जाने की शिया नेता अब्दुल अज़ीज़ अल हाकिम की बात को लेकर सुन्नी मुसलमान नाराज़ हैं. सुन्नी नेता सलेह मुतलाक़ ने कहा कि उन्हें संघीय व्यवस्था मंज़ूर नहीं है. इराक़ के तेल मंत्री ने कहा है कि संविधान में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि तेल से मिलने वाली आय का सही बटवारा हो. संविधान के मसौदे को संसद की मंज़ूरी के लिए सोमवार तक की समयसीमा निर्धारित की गई है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||