| 'कश्मीर में संघर्षविराम पर विचार संभव' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर राज्य में यदि हिंसा और 'सीमापार से घुसपैठ' बंद होती है, तो वहाँ संघर्षविराम पर विचार हो सकता है. महत्वपूर्ण है कि उनकी पाकिस्तान के राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से न्यूयॉर्क में 14 सितंबर को बातचीत होनी है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ये विचार पेरिस जाते समय विमान में पत्रकारों से बातचीत में व्यक्त किए. समाचार माध्यमों के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने सीमापार से घुसपैठ कम करने के लिए कुछ क़दम उठाए हैं लेकिन फ़िलहाल ये कहना कठिन है कि ये कितने कारगर साबित हुए हैं. उनका कहना था कि कुछ महीनों के बाद ही यकीन से कहा जा पाएगे कि घुसपैठ ख़त्म हुई है या नहीं. उनका कहना था कि जम्मू-कश्मीर में संघर्षविराम जैसे मुद्दों पर विचार करने से पहले ये ज़रूरी है कि पाकिस्तान में 'आतंकवाद को प्रोत्साहन देने वाला ढाँचा' पूरी तरह ख़त्म हो. पाकिस्तान भारत के आरोपों का खंडन करता आया है और कहता रहा है कि वह कश्मीरी चरमपंथियों को केवल नैतिक समर्थन देता है और पाकिस्तान में चरमपंथियों के प्रशिक्षण शिविर नहीं हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पेरिस में राष्ट्रपति ज्याक शिराक और कई बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से मिलने के बाद, संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क जाएँगे. |
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