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भारत सरकार के बयान की आलोचना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर में पृथकतावादी नेताओं ने भारत सरकार के उस बयान की आलोचना की है जिसमें इन नेताओं को पाकिस्तान की यात्रा के दौरान पाक प्रशासित कश्मीर से बाहर जाने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए. ग़ौरतलब है कि भारत सरकार ने गुरूवार को कहा था कि बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे अलगाववादी कश्मीरी नेताओं को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. सर्वदलीय हुर्रियत कान्फ्रेंस के मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ के नेतृत्व वाले धड़े के एक प्रवक्ता शाहिदुल इस्लाम ने शुक्रवार को कहा, "भारत सरकार को शांति प्रक्रिया में बाधा नहीं पहुँचानी चाहिए जिसे पाकिस्तान के सहयोग से शुरू किया गया है." शाहिदुल इस्लाम ने उम्मीद जताई कि भारत सरकार अपने रुख़ में सदभावना दिखाएगी और उसे बदलेगी. जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ़) के नेता जावेद अहमद मीर ने भी भारत सरकार से अपील की है कि वह अपने रुख़ पर फिर से विचार करे ताकि, "दोनों देशों से आपसी भरोसा बढ़ाने का जो सिलसिला शुरू किया है उसे जारी रह सके और कश्मीरी नेताओं को निराशा ना हो." लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक ने भी बीबीसी से कहा कि वह भारत सरकार के रवैये से निराश हैं और उन्हें पाकिस्तान सरकार के मेहमान के तौर पर यात्रा की इजाज़त दी जानी चाहिए. ग़ौरतलब है कि कश्मीरी पृथकतावादी नेता बस के ज़रिए दो जून को पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के दौरे पर जाने वाले हैं. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जलील अब्बास जीलानी ने कहा है कि हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेताओं का एक ख़ास दर्जा है लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि बातचीत कहाँ होगी. जीलानी ने कहा, "हुर्रियत नेता दोनों देशों के बीच चल रही शांति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं." जलील अब्बास जीलानी ने कहा, "कश्मीरी नेता न सिर्फ़ आज़ाद कश्मीर (पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर) के नेताओं से बातचीत करेंगे बल्कि शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बारे में पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों से भी उनकी बातचीत होगी." निंदा इस बीच कश्मीरी चरमपंथी संगठन जमीयतुल मुजाहिदीन ने कश्मीरी पृथकतावादी नेताओं के पाकिस्तान जाने का न्यौता स्वीकार करने के क़दम की निंदा की है. संगठन ने कहा है कि बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने के इन नेताओं के क़दम से भारत प्रशासित कश्मीर में चल रहे पृथकतावादी आंदोलन पर बुरा असर पड़ेगा. |
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