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बातचीत से भारत-पाक दोनों संतुष्ट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच दो घंटे लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने कहा है कि बातचीत बहुत सकारात्मक रही है और सभी मसलों पर प्रगति हुई है. दो घंटे चली इस बातचीत में विश्वास बढ़ाने के कई मसलों और दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई है जिसमें दोनों देशों के बीच एक संयुक्त वाणिज्य परिषद के गठन का फ़ैसला भी है. अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के आरपार व्यापार बढ़ाने के लिए भी दोनों पक्षों में सहमति हुई है. इस बातचीत में तय हुआ है कि खोखरापार-मुनाबाओ रेल लाइन दिसंबर तक शुरु हो जाएगी. इस बातचीत के दौरान दोनों देशों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद था. दोनों देशों का संयुक्त बयान बाद में आने की संभावना है. इससे पहले परवेज मुशर्रफ़ और मनमोहन सिंह ने दो घंटे फ़िरोज़शाह कोटला मैदान में भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे एकदिवसीय मैच का आनंद लिया. बातचीत भारत के विदेश सचिव श्याम सरन ने हैदराबाद हाउस में दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा देते हुए कहा कि दोनों देशों ने पूरी चर्चा में सकारात्मक रुख अपनाया है.
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पर भी बात हुई है और माना गया है कि दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बदला नहीं जा सकता. श्याम सरन ने बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "भारत और पाकिस्तान दक्षिण एशिया के दो बड़े देश हैं और यदि दोनों साथ आ जाते हैं तो दोनों देशों की आर्थिक स्थिति को सुधारा जा सकता है." उधर पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने राष्ट्रपति भवन में दोपहर के भोज के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "बातचीत बहुत ख़ुशनुमा माहौल में हुई और कश्मीर विवाद सहित सभी मसलों पर चर्चा हुई है. बात आगे बढ़ी है और मैं इससे संतुष्ट हूँ." व्यापार विदेश सचिव श्याम सरन के अनुसार बातचीत में दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पार व्यापार व्यवसाय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया.
उन्होंने बताया कि इसके तरह संयुक्त वाणिज्य परिषद का गठन किया जाएगा. और दोनों देशों के बीच पहले से ही बने हुए संयुक्त आयोग को पुनर्जिवित किया जाएगा और व्यावसायिक मसलों के अध्ययन के लिए बने अध्ययन समूह को भी बहाल किया जाएगा. श्याम सरन के अनुसार दोनों देशों के बीच सीमा शुल्क को लेकर जो भी समस्याएँ हैं उसे भी दूर करने पर सहमति बनी है. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार व्यवसाय के लिए नए मार्ग खोलने के लिए भी दोनों पक्ष तैयार हुए हैं. श्याम सरन के अनुसार प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि यदि पाकिस्तान मध्य एशिया और खाड़ी के देशों के लिए व्यापार रास्ता खोल सके तो इससे पूरे दक्षिण एशिया को लाभ मिलेगा. इसमें उन्होंने गैस पाइप लाइन का भी ज़िक्र किया. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि यह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों देशों के बीच चरमपंथी गतिविधियाँ कोई बाधा न बने. श्याम सरन के अनुसार यह कहते हुए प्रधानमंत्री ने श्रीनगर में मुज़फ़्फ़राबाद बस यात्रा से पहले हुए हमले का भी ज़िक्र किया. रेल संपर्क इस बातचीत में राजस्थान और सिंध के खोखरापार-मुनाबाओ रेल मार्ग का भी मसला उठा. भारत ने कहा था कि वह अपनी ओर के रेल मार्ग को आवागमन के लिए दो अक्तूबर तक शुरु कर देगा लेकिन पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने इस समय सीमा को कम बताते हुए कहा कि पाकिस्तान की ओर से दिसंबर तक यह मार्ग शुरु किया जा सकेगा. विदेश सचिव सरन के अनुसार, "जम्मू कश्मीर के मसले पर विश्वास बढ़ाने के जो भी प्रस्ताव दोनों ओर से आए उनको दोनों पक्षों ने सकारात्मक रुप से लिया." बगलिहार परियोजना के मसले पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह मसला महत्वपूर्ण है और इस पर पाकिस्तान को जो भी आपत्ति हो भारत समझौते के तहत उस पर हर तरह की बातचीत के लिए तैयार है. इस बातचीत के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री नटवर सिंह, रक्षामंत्री प्रणव मुखर्जी, वाणिज्य मंत्री कमलनाथ तथा भारत के सुरक्षा सलाहकार एमके नारायण थे. जबकि पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी, सूचना मंत्री शेख़ अहमद रशीद और अन्य लोग थे. चर्चा के बाद ख़बरें मिली हैं कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त वाणिज्य परिषद का गठन किया जाएगा. इस परिषद के गठन की औपचारिक घोषणा दोनों देशों के वाणिज्य मंत्री बाद में करेंगे. |
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