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'बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि यदि ज़रुरत हुई तो श्रीनगर-मुज़फ़्फ़राबाद के बीच बस सेवा की संख्या बढ़ाई जा सकती है. मनमोहन सिंह ने सियाचिन से सेना हटाए जाने के परवेज़ मुशर्रफ़ के प्रस्ताव का तो स्वागत किया लेकिन जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों से सेना हटाकर स्वायत्तता देने के उनके प्रस्ताव पर कहा कि जम्मू कश्मीर में एक निर्वाचित सरकार ही शासन कर रही है. उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही बातचीत के प्रति संतोष ज़ाहिर करते हुए कहा कि बात समस्या सुलझाने के लिए सही दिशा में बढ़ रही है. उन्होंने सीमा के दोनों ओर के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया है. शिमला में एक पत्रकारवार्ता में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सियाचिन के मसले पर बात करने के लिए भारत का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान गया है. उस प्रतिनिधिमंडल से हुई बातचीत पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि सियाचीन के समले पर भी कोई सकारात्मक हल निकलेगा. प्रधानमंत्री सिंह ने कहा, "दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार ठीक दिशा में जा रहा है, हालांकि कुछ समस्याएँ हैं लेकिन उन्हें भी सुलझा लिया जाएगा." इससे पहले ऊर्जा सचिवों के एक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि राज्य के बिजली बोर्डों का कार्यों के आधार पर विखंडन ज़रुरी है ताकि उनमें आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़े. |
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