| ब्लेयर ने कड़े कदम उठाने की घोषणा की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने 'आतंकवादी' गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सरकार के अधिकार बढ़ाने की एक योजना का उल्लेख किया है. इसके तहत 'आतंकवादी' गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले विदेशियों को निर्वासित करने या फिर ब्रिटेन में आने से रोकने का प्रावधान होगा. प्रधानमंत्री ब्लेयर ने ये विचार हाल में लंदन में हुए बम धमाकों के बाद देश की सुरक्षा बढ़ाने के संदर्भ में व्यक्त किए हैं. 'नागरिकता से बेदख़ल' उन्होंने चेतावनी दी कि गृह मंत्री के अधिकारक्षेत्र को बढ़ाकर ब्रिटेन में बसे हुए 'आतंकवादी' संबंधों वाले विदेशी लोगों को ब्रिटेन की नागरिकता से बेदख़ल करने पर भी विचार हो रहा है. उनका ये भी कहना था कि यदि आवश्यक हुआ तो मानवाधिकार क़ानून में संशोधन किया जाएगा ताकि ऐसे लोगों को निर्वासित किया जा सके. प्रधानमंत्री ब्लेयर का कहना था कि यदि क़ानून में परिवर्तन की ज़रूरत हुई तो सितंबर में संसद का सत्र बुलाया जाएगा. उनका कहना था कि कुछ गिने-चुने लोगों ने ब्रितानी लोगों के अच्छे स्वभाव और उदारवादी नज़रिए का नाजायज़ इस्तेमाल किया है. प्रधानमंत्री ब्लेयर का कहना था कि स्थिति का सामना करने के लिए गृह मंत्री के अधिकारों को बढ़ाना ज़रूरी है. ब्रितानी प्रधानमंत्री ने बताया कि वे दस देशों से आश्वासन की उम्मीद कर रहे हैं कि यदि ब्रिटेन से लोगों को निर्वासित किया जाता है तो उनके साथ बुरा बर्ताव नहीं होगा. उनका कहना था कि ब्रिटेन में रहने वाले जिन विदेशी नागरिकों का अतिवादी वेवसाइट्स या संगठनों से लेन-देन है, उन्हें भी निर्वासित किया जा सकता है. |
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