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कुछ हल्कों में कड़ी आलोचना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन बम धमाकों के बाद सरकार के अधिकार बढ़ाने की ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की योजना पर कुछ राजनीतिक दलों और मानवाधिकार संगठनों ने आपत्ति जताई है. जहाँ प्रमुख विपक्षी दल कंज़र्वेटिव पार्टी ने इन सुझावों का स्वागत किया है वहीं उसने ये भी कहा है कि उसे इन सुझावों का विस्तृत अध्ययन करना होगा. लेकिन दूसरे विपक्षी दल लिबरल डैमोक्रैटिक पार्टी ने इसकी कड़ी आलोचना की है. लिबरल डैमोक्रैटिक पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री ब्लेयर तनाव बढ़ाने और ब्रितानी मुसलमानों को मुख्यधारा से अलग-थलग करने का ख़तरा मोल ले रहे हैं. लिबरल डैमोक्रैटिक पार्टी का कहना है कि वह सुझावों का अध्ययन करेगी लेकिन ज़रूरी नहीं कि वह प्रधानमंत्री ब्लेयर को इस मामले में समर्थन दे. इस पार्टी के नेता चार्ल्स कैनेडी का कहना था, "गृह मंत्रालय के साथ हमारी पार्टी की बैठक में इन सुझावों का कोई ज़िक्र नहीं हुआ. हो सकता है कि उन्हें प्रधानमंत्री की योजना की जानकारी न हो." नागरिक अधिकारों के प्रमुख ब्रितानी संगठन लिबर्टी ने प्रधानमंत्री ब्लेयर पर ब्रितानी समाज के मूलभूत मुल्यों का सम्मान न करने का आरोप लगाया है. लिबर्टी का आरोप है कि पिछले आतंकवाद निरोधक क़ानून से स्थिति ख़राब ही हुई है, बेहतर नहीं हुई. |
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