| हमलों के संबंध में मिस्र में गिरफ़्तारी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन बम धमाकों के सिलसिले में मिस्र में रसायनशास्त्र के एक विशेषज्ञ को गिरफ़्तार किया गया है. मगदी मोहम्मद अल नशर नामक इस शख्स को उनके साथियों ने जुलाई में ब्रिटेन के शहर लीड्स में देखा था. ब्रिटिश पुलिस लीड्स में मोहम्मद अल नशर से संबंधित घर की तलाशी ले रही है. हालाँकि उन्हें आधिकारिक रूप से संदिग्ध नहीं क़रार दिया गया है. पुलिस ने कहा है कि अब वह बम धमाकों की साज़िश रचने वालों और वित्तीय मदद करने वालों की तलाश में जुटी है. ब्रिटिश पुलिस का कहना था कि लीड्स से रसायनशास्त्र में पीएचडी करनेवाले मोहम्मद अल नशर से वह पूछताछ करना चाहती है. बीबीसी संवाददाता का कहना था कि मोहम्मद अल नशर का इस मामले से संबंध अभी तक अस्पष्ट है लेकिन उन्होंने बम विस्फोट करनेवालों को लीड्स के एक मकान की चाभियाँ सौंपी थीं. इधर जाँच से पता चला है कि लीड्स के एक घर से मिले विस्फोटक देसी थे. पुलिस ने शुरूआत में माना था कि हमलों में सेना द्वारा इस्तेमाल किया जानेवाले विस्फोटक इस्तेमाल किए गए थे. इस विस्फोटक के इस्तेमाल में बेहद सावधानी की ज़रूरत होती है. अल क़ायदा से संबंध पुलिस का कहना है कि लंदन बम धमाकों में जो विस्फोटक इस्तेमाल किए गए उसकी सामग्री उन विस्फोटकों से मिलती-जुलती है जो अल क़ायदा इस्तेमाल करता रहा है. ग़ौरतलब है कि पुलिस ने जिन तीन हमलावरों की पहचान की है उनमें से दो लीड्स इलाक़े के ही हैं. इस बीच ब्रिटेन की मुस्लिम काउंसिल के चेयरमैन सर इक़बाल सकरानी ने कहा है कि वे लीड्स में स्थानीय लोगों की चिंताओं और मुस्लिम समुदाय में अतिवादी तत्वों को उखाड़ फेंकने के बारे में बात करने के लिए वहाँ का दौरा कर रहे हैं. दो हमलावर जिस इलाक़े में रहते थे वहाँ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. सात जुलाई को लंदन में तीन भूमिगत रेलों और एक बस में धमाके हुए थे जिनमें मारे गए लोगों की संख्या 54 हो गई है. इनमें तीन हमलावर भी शामिल बताए गए हैं. |
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