|
बुश ने जॉर्जिया की क्रांति को सराहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पूर्व सोवियत संघ के देशों की अपनी पहली यात्रा के दौरान जॉर्जिया की शांतिपूर्ण क्रांति की प्रशंसा की है. राष्ट्रपति बुश ने कहा कि जॉर्जिया का उदाहरण लोकतंत्र चाहनेवाले अन्य देशों में लिए एक उदाहरण है. इसके पहले राष्ट्रपति बुश का जॉर्जिया में भव्य स्वागत हुआ. वे पहले अमरीकी राष्ट्रपति हैं जो पूर्व सोवियत संघ के देशों की यात्रा पर हैं. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्जिया की सरकार को समर्थन देने आए हैं जो 2003 में शांतिपूर्ण परिवर्तन के जरिए सत्ता में आई थी. राष्ट्रपति बुश का जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल साकशविली ने स्वागत किया. मिखाइल साकशविली मास्को से सीधे बुश का स्वागत करने पहुँचे जहाँ वे द्वितीय विश्व युद्द के यादगार समारोह में हिस्सा लेने गए थे. हालांकि रूस के साथ मतभेदों के कारण उन्होंने इस समारोह का बहिष्कार किया. राष्ट्रपति बुश जॉर्जिया के फ्रीडम स्क्वॉयर पर लोगों को संबोधित करेंगे. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जॉर्जिया अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की विदेश नीति का सबसे अच्छा उदाहरण हैं. राष्ट्रपति बुश लोकतंत्र का विस्तार चाहते हैं. लेकिन रूस इसे लेकर संशकित है. उसको लगता है कि अमरीकी एजेंडा इस क्षेत्र में उसके पारंपरिक प्रभृत्व को कम कर सकता है. दो साल पहले राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के नेता मिखाइल साकशविली ने जीत हासिल की थी. छत्तीस साल उम्र के साकशविली ने नवंबर में उस जनआंदोलन का नेतृत्व किया था जिसके तहत एडुआर्ड शेवर्दनाद्ज़े को इस्तीफ़ा देना पड़ा था. यूरोप का दौरा इसके पहले अमरीकी राष्ट्रपति ने दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति की साठवीं वार्षिकी के मौक़े पर यूरोप का दौरा किया था. अपने यूरोपीय दौरे के पहले चरण में लातविया में उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के विभाजन के लिए कुछ हद तक अमरीका भी ज़िम्मेदार है. लातविया की राजधानी रीगा के आज़ादी के स्मारक पर सोवियत दमन के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि देकर उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत की थी. राष्ट्रपति बुश ने लातविया में लोकतंत्र की स्थापना की वकालत करते हुए वहाँ के लोगों की आज़ादी के प्रति भावनाओं की सराहना की थी. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन राष्ट्रपति बुश की बाल्टिक देशों की इस यात्रा के कार्यक्रम से पहले ही नाराज़ हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||