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शनिवार, 07 मई, 2005 को 02:48 GMT तक के समाचार
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बुश की विवादास्पद यूरोप यात्रा
जॉर्ज बुश, यूरोप के दौरे पर
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश अपने यूरोपीय दौरे के पहले चरण में लातविया पहुँच गए हैं.

बुश दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति की साठवीं वर्षगाँठ के मौक़े पर यूरोप का दौरा कर रहे हैं.

जॉर्ज बुश तीन बाल्टिक देशों के नेताओं से मुलाक़ात करेंगे, जिसके बाद वह रूस के लिए रवाना हो जाएंगे.

रूस में बुश तत्कालीन सोवियत संघ और नाज़ी जर्मनी के बीच युद्ध की याद में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में भाग लेंगे.

सोवियत संघ के पूर्वी मोर्चे पर 1941 से 1945 तक जो लड़ाई हुई थी वह बहुत ही भयंकर थी.

उस लड़ाई में क़रीब 90 लाख सोवियत सैनिकों के अलावा लगभग एक करोड़ पचास लाख असैनिकों की भी मौत हुई थी.

उस लड़ाई में जर्मनी और उसके सहयोगी देशों के भी लगभग तीस लाख लोग मारे गए थे.

ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा है कि वह इस समारोह में भाग नहीं ले सकेंगे क्योंकि वह चुनाव के बाद सरकार बनाने की सरगर्मियों में व्यस्त हैं.

कड़वे संदेश

इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति बुश यह कहेंगे कि पूर्वी यूरोप के कुछ देशों में नाज़ी जर्मनी की हार के बाद 'दमनकारी कम्युनिस्ट शासन' की शुरूआत हुई.

लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ऐसे किसी संदेश को सुनना नहीं चाहते हैं.

पुतिन राष्ट्रपति बुश की इस यात्रा के कार्यक्रम से पहले ही नाराज़ हैं और ख़ासतौर से तीन बाल्टिक देशों के नेताओं के इन बयानों से तो ख़ासे ख़फ़ा हैं कि रूस को इन तीन देशों के साथ 'अत्याचारों' के लिए माफ़ी माँगनी चाहिए.

लातविया के राषट्रपति ने जॉर्ज बुश का ख़ुद हवाई अड्डे पर आकर स्वागत किया.

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