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ताइवान चीन से बातचीत का इच्छुक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताइवान के राष्ट्रपति चेन शुई बियान ने चीन से अनुरोध किया है कि वह उनकी चुनी हुई सरकार से बातचीत शुरु करे. राष्ट्रपति चेन ने अपना संदेश ताइवान के प्रमुख विपक्षी दलों में से एक 'पीपुल्स फ़र्स्ट पार्टी' के नेता जेम्स सूंग को दिया है कि वे इसे चीनी प्रशासन तक पहुँचा दें. उनका यह अनुरोध तब आया है जब चीन के राष्ट्रपति ने हाल ही में चीन की यात्रा पर आए ताइवान के प्रमुख विपक्षी नेता लिएन चान से ऐतिहासिक मुलाक़ात की है. उल्लेखनीय है कि एक चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है वहीं दूसरी ओर ताइवान चीन के प्रभुत्व में नहीं रहना चाहता. क्योमिंगतांग पार्टी के नेता लिएन चान हाल ही में चीन की यात्रा से लौटे हैं. 'पीपुल्स फ़र्स्ट पार्टी' के नेता जेम्स सूंग इस सप्ताह के अंत तक चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं. वे दूसरे विपक्षी नेता हैं जिन्हें चीन ने उच्च स्तरीय बातचीत के लिए बुलाया है. बदलता माहौल ताइवान के राष्ट्रपति चेन ने यह तो बता दिया है कि उन्होंने जेम्स सूंग को अपना संदेश दे दिया है लेकिन उन्होंने साफ़ कहा है कि ताइवान के राजनीतिक दलों के नेता और चीन के नेता चाहे जो सोच रहे हों लेकिन चीन को आख़िरकार ताइवान की चुनी हुई सरकार के नेताओं से ही बात करनी होगी.
उल्लेखनीय है कि ताइवान की आज़ादी के हिमायती बियान को चीन की पसंद नहीं माना जाता. माना जाता है कि 'पीपुल्स फ़र्स्ट पार्टी' के नेता चाहते हैं कि ताइवान चीन का ही हिस्सा बना रहे लेकिन पिछले कुछ महीनों में उनकी पार्टी के संबंध राष्ट्रपति चेन से बढ़े हैं. चीन ने जब विपक्षी दलों के नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था तो ताइवान की सरकार ने शुरु में इसका विरोध किया था. ये पिछले पचास बरसों में चीन और ताइवान के नेताओं के बीच पहली बातचीत थी. अभी राष्ट्रपति चेन का कार्यकाल तीन साल बाक़ी है. बीबीसी संवाददाता कैरोलीन ग्लक का मानना है कि यह राष्ट्रपति चेन के लिए चीन के साथ तनाव कम करने का सबसे अच्छा मौक़ा है. |
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