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कम अंतर से जीते ताइवान के राष्ट्रपति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताइवान के राष्ट्रपति चेन शुई-बियान बहुत कम अंतर से दोबारा चुनाव जीत गए हैं. हालाँकि विपक्षी पार्टियों ने धाँधली के आरोप लगाते हुए दोबारा मतगणना कराने की माँग की है. चुनाव में जीत हासिल करने के बाद अपने भाषण में राष्ट्रपति शुई-बियान ने चीनी अधिकारियों से अपील की है कि वे नतीजों को स्वीकार करें. उन्होंने देश में शांति के नए युग की शुरुआत का वादा भी किया. केंद्रीय चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार वे सिर्फ़ 30 हज़ार वोटों से जीते हैं, जबकि चुनाव में 12 करोड़ मतदाताओं ने भाग लिया था. चुनाव के एक दिन पहले ही राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पर चुनाव प्रचार के दौरान जानलेवा हमला हुआ था जिसमें वे दोनों सुरक्षित बच गए थे. ताइपे से बीबीसी संवाददाता क्रिस हॉग का कहना है कि राष्ट्रपति बियान को बहुत कम अंतर से जीत मिली है. इस कारण उनके विरोधियों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है और मतगणना में धाँधली हुई है. नेशनलिस्ट पार्टी के नेता लिन चान ने कहा है कि मतदान से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रपति पर हुई गोलीबारी से चुनाव के नतीजे पर असर पड़ा. लेकिन सुरक्षा मामलों और चीन के साथ रिश्तों पर राष्ट्रपति का विवादास्पद जनमत संग्रह मतों की कमी के कारण पास नहीं हो सका. लेकिन राष्ट्रपति शुई-बियान ने अपने भाषण में उस बात पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित किया कि जिन लोगों ने जनमतसंग्रह में भाग नहीं लिया उन्होंने ताइवन के मिसाइल रोधी रक्षा प्रणाली को और मज़बूत करने के साथ-साथ चीन के साथ शांति वार्ता शुरू करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है. लेकिन उन्होंने चुनावी नतीजों पर विपक्षी पार्टियों की आपत्ति पर कोई टिप्पणी नहीं की. |
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