|
ताइवान में चीन विरोधी प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ताइवान में दस लाख से भी अधिक लोगों ने मानव-श्रृंखला बनाकर चीन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया है. ताइवान के ख़िलाफ़ मिसाइल बनाने का विरोध करने के लिए लोगों ने पाँच सौ किलोमीटर लंबी मानव-श्रृंखला बनाई है. ये लोग ताइवान के राष्ट्रपति शेन शुइ-बियान के समर्थक हैं. चीन मानता है कि ताइवान उसका ही हिस्सा है और उसे अलग राष्ट्र होने का अधिकार नहीं है. वह कह चुका है कि यदि ज़रुरी हुआ तो वह ताइवान के ख़िलाफ़ ताक़त का भी इस्तेमाल भी करेगा. प्रदर्शन मानव-श्रृंखला बनाने से पहले लोगों ने पहले प्रार्थनाएँ कीं और फिर सफेद कबूतर उड़ाए. इनके विरोध के पीछे चीन के वो पाँच सौ मिलाइलें हैं जिनको उसने ताइवान की ओर निशाना लगाकर तैनात किया है. यह प्रदर्शन ताइवान के शांति दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया है. यह दिन ताइवान के उन हज़ारों लोगों की मौत की याद में मनाया जाता है जिनको चीनी नेशनलिस्ट पार्टी की सेना ने पूरे द्वीप में विद्रोह के बाद मार दिया था. ताइपे में बीबीसी संवाददाता कैरोलाइन ग्लूक का कहना है कि 20 मार्च को होने वाले चुनावों के लिए यह प्रदर्शन निर्णायक साबित हो सकते हैं. दूसरे कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ रहे राष्ट्रपति बियान ने उसी दिन जनमत संग्रह की भी अनुमति ले ली है. इस जनमत संग्रह से यह तय होना है कि चीन द्वारा हमला किए जाने की स्थिति से निपटने के लिए सेना की मज़बूत किया जाना चाहिए या नहीं. चीन इस जनमत संग्रह का भी विरोध कर रहा है क्योंकि वह मानता है कि यह ताइवान को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने की तैयारी है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||