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सोवियत बिखराव एक त्रासदी थी:पुतिन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि 1991 में सोवियत संघ का विघटन होना 20वीं शताब्दी की 'सबसे बड़ी भौगोलिक और राजनीतिक त्रासदी' थी. पुतिन ने संसद को अपने वार्षिक संबोधन में यह बात कही. इस संबोधन का रूसी टेलीविज़न पर सीधा प्रसारण किया गया. व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि 1991 में सोवियत संघ का बिखराव एक 'ऐसा वास्तविक नाटक' था जिसकी वजह करोड़ों लोग रूसी महासंघ से बाहर हो गए थे. पुतिन ने ज़ोर देकर कहा रूस को ख़ुद को 'एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश' के रूप में विकसित करना चाहिए. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि 'लोकतंत्र की तरफ़ बढ़ने के लिए रफ़्तार, नियम और शर्तें ख़ुद रूस ही तय करेगा.' "हम एक स्वाधीन राष्ट्र हैं और आधुनिक विश्व में हमारा स्थान इसी से तय होगा कि हम कितने सफल और मज़बूत हैं." आलोचकों कहना है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन क्रेमलिन (उनका मुख्यालय) में सत्ता का केंद्रीकरण कर रहे हैं और इस बारे में आलोचक प्रांतों के गवर्नरों और संसदीय डिपुटीज़ के चुनाव के बारे में किए गए परिवर्तनों का हवाला देते हैं. निवेश को बढ़ावा पुतिन ने कहा कि विदेशों में रहने वाले रूसियों को स्वदेश में निवेश करने के लिए आगे आना चाहिए. उन्होंने अघोषित राजस्व पर एक मुश्त 13 प्रतिशत कर का भी ऐलान किया. पुतिन ने कहा, "कर अधिकारियों को कारोबारियों को आतंकित करने का कोई अधिकार नहीं है."
पिछले करों की वसूली की माँग की वजह से ही रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी यूकोज़ का बिखराव हुआ और उसकी वजह से पश्चिमी देशों को निवेशकर्ताओं में चिंता की लहर दौड़ गई थी. पुतिन 2004 में दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए थे और तब से यह उनका राष्ट्र के नाम दूसरा संबोधन था. पुतिन ने अपने इस भाषण में 'आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिए किए जा रहे सरकारी प्रयासों' का भी ज़िक्र किया. उन्होंने 'ख़तरों को अब भी प्रबल बताते हुए उनसे निपटने के लिए नई रणनीति' अपनाने पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा, "जस क्षण भी हम कमज़ोरी दिखाएंगे, तो समझ लीजिए कि हम इतने नुक़सानों में होंगे जिनका अंदाज़ा भी लगाना मुश्किल होगा." पुतिन ने कहा कि रूस में 'संघर्ष के ग़ैरक़ानूनी तरीक़े' स्वीकार नहीं किए जाएंगे. मॉस्को में बीबीसी संवाददाता डैमियन ग्रैमेटिकास का कहना है कि हो सकता है पुतिन इस बयान के ज़रिए यूक्रेन और किरगिस्तान में हाल में हुई अशांति का ज़िक्र कर रहे हों. उन्होंने देश में मीडिया की निष्पक्षता और सरकारी क्षेत्र में भ्रष्टाचार को कम करने का भी वादा किया. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने रूस में लोकतंत्र की तरफ़ प्रगति और मीडिया पर नियंत्रण के हालात पर चिंता जताई थी. |
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