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अकायेफ़ ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा दिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
किरगिस्तान के सत्ता से हटाए गए राष्ट्रपति असकर अकायेफ़ ने औपचारिक रूप से अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. असकर अकायेफ़ ने किरगिस्तान के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मॉस्को में देश के दूतावास में एक मुलाक़ात के बाद यह क़दम उठाया. इस बातचीत के बाद अकायेफ़ ने कहा, "हमने एक बहुत ही अच्छे और ऐतिहासिक दस्तावेज़ को मंज़ूरी दी है." अकायेफ़ ने कहा कि उनके इस्तीफ़ा देने से देश को राजनीतिक संकट से निकलने का मौक़ा मिलेगा. उधर संसद अध्यक्ष तकीबायेफ़ ने कहा कि इस समझौते से शांति और क़ानून के राज सुनिश्चित होगा. अकायेफ़ किरगिस्तान में राजनीतिक संकट उत्पन्न होने के बाद 24 मार्च को रूस भाग गए थे. उन्होंने रूसी मीडिया से कहा था कि अगर उनकी सुरक्षा की गारंटी दी जाए तो वह किरगिस्तान वापस लौटकर इस्तीफ़ा दे सकते हैं. कार्यवाहक राष्ट्रपति कुर्मानबेक बकीफ़ ने बुधवार को कहा था कि उन्हें औपचारिक रूप से इस्तीफ़ा देने के लिए वापस लौटने का ख़तरा नहीं उठाना चाहिए क्योंकि उनकी वापसी से जन आक्रोष भड़क सकता है. किरगिस्तान के संवैधानिक न्यायालय ने कहा था कि अकायेफ़ देश से बाहर रहते हुए भी क़ानूनी रूप से इस्तीफ़ा दे सकते हैं. |
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