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गुरुवार, 24 मार्च, 2005 को 12:44 GMT तक के समाचार
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किरगिस्तान में विपक्षियों का क़ब्ज़ा
किरगिस्तान में विपक्षी प्रदर्शनकारी
विपक्षी प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण के तीन शहरों पर क़ब्ज़ा कर लिया है
मध्य एशियाई देश किरगिस्तान में विपक्षी प्रदर्शनकारियों ने राजधानी बिश्केक में सरकार के मुख्यालय पर क़ब्ज़ा कर लिया है.

विपक्षी प्रदर्शनकारियों ने देश के महत्वपूर्ण राजनीतिक क़ैदी फ़ेलिक्स कुलोफ़ को भी छुड़ा लिया है.

कुलोफ़ ने 1990 के दशक में देश के सबसे लोकप्रिय विपक्षी दल का गठन और नेतृत्व किया था. उसके बाद उन्हें 2002 में वित्तीय घोटालों के आरोप में क़ैद में डाल दिया गया था.

कुलोफ़ के समर्थक और बहुत से अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का कहना है कि उन पर आरोप राजनीति से प्रेरित थे.

हज़ारों विपक्षी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति असकर अकायेव के इस्तीफ़े की माँग करते हुए गुरूवार को एक रैली निकाली और सरकारी इमारतों पर क़ब्ज़ा भी कर लिया.

यह क़ब्ज़ा शांतिपूर्ण तरीक़े से हुआ क्योंकि बहुत से सुरक्षाकर्मी अपनी चौकियों से ग़ायब हो गए थे.

बाद में कुछ प्रदर्शनकारियों को सरकारी मुख्यालय की खिड़कियों से झंडा लहराते हुए भी देखा गया.

इससे पहले सरकार के समर्थकों और विपक्षी प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ झड़पें हुई थीं.

राजधानी में सरकारी मुख्यालय पर क़ब्ज़ा करने के बाद विपक्षी नेताओं ने इमारत के बाहर ही अपने समर्थकों को संबोधित भी किया.

ताज़ा ख़बरों में यह भी बताया गया है कि प्रदर्शनकारी सरकारी टेलीविज़न केंद्र में भी दाख़िल हो गए हैं.

किरगिस्तान में प्रदर्शनकारी

विपक्षी प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति असकर अकायेव ने धांधली की है.

देश के दक्षिणी हिस्सो में कई दिन से ये प्रदर्शन चल रहे हैं और वहाँ तीन प्रमुख शहरों पर विपक्षी प्रदर्शनकारियों का क़ब्ज़ा हो गया है.

शांति की अपील

रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल फ्रेदकोफ़ ने किरगिस्तान में ताक़त के प्रयोग का विरोध किया है और मौजूदा संकट का हल बातचीत के ज़रिए निकालने का आहवान किया है.

फ्रेदकोफ़ ने दोनों पक्षों से क़ानून के दायरे में रहने का अनुरोध किया.

रूस की राजधानी मॉस्को में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि किरगिस्तान में रूस के सैनिक अड्डा है और वहाँ अशांति और अस्थिरता को रूस अपने लिए चिंता की बात समझता है.

चीन ने भी किरगिस्तान में शांति बनाए रखने की अपील की है.

यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि राष्ट्रपति असकर अकायेव उनके साथ एक पूर्वनिर्धारित बैठक करने वाले थे.

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