|
बेलरूस पर अमरीका, रूस आमने-सामने | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान बेलारूस में लोकतंत्र के मामले पर अमरीका और रूस के बीच गंभीर मतभेद सामने आए हैं. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि बेलारूस में बदलाव का समय आ गया है और वहाँ विपक्ष को विरोध करने का पूरा अधिकार है. रूस के विदेश मंत्री सर्गी लेवरोव ने बेलरूस में सत्ता परिवर्तन का ज़ोरदार विरोध किया. उनका कहना था कि लोकतंत्र बाहर से थोपा नहीं जा सकता. बेलारुस के पड़ोसी देश लिथुआनिया में नैटो की बैठक के बाद बेलारूस के विपक्षी नेताओं के साथ मुलाक़ात के बाद राइस ने ये बयान दिया. ग़ौरतलब है कि रूस की यात्रा के दौरान विदेश मंत्री राइस ये स्पष्ट कर चुकी हैं कि वह भूतपूर्व सोवियत संघ के किसी भी राज्य में हो रहे बदलावों को रूस विरोधी नहीं मानतीं. उन्होंने कहा है कि ये बदलाव लोकतांत्रिक प्रणाली का हिस्सा हैं. उन्होंने बेलारूस को यूरोप की आख़िरी तानाशाही बताते हुए कहा कि ऐसा नहीं है कि बेलारूस दुनिया का कोई अंधेरा कोना है जहाँ हो रही घटनाओं पर किसी की नज़र नहीं है. बेलारुस के एक मंत्री विक्टर हेस्योनैक का कहना था कि ये तय करना बेलरूस के लोगों का अधिकार है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||