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बोल्टन से सीनेट के कड़े सवाल जवाब | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के राजदूत के रुप में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के उम्मीदवार जॉन बोल्टन को डेमोक्रेट पार्टी के सांसदों की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है. सीनेट की एक समिति के सामने अपना पक्ष रखते हुए बोल्टन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अमरीकी नेतृत्व की ज़रुरत है ताकि संगठन को फिर से रास्ते पर लाया जा सके. संयुक्त राष्ट्र के मुखर आलोचक रहे बोल्टन ने कहा कि संगठन को मानवाधिकार उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए. सीनेट की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेट सदस्यों ने बोल्टन की कड़ी आलोचना की और एक सांसद जोसेफ बीडेन ने यहां तक कहा कि बोल्टन को संयुक्त राष्ट्र में अमरीका का राजदूत बनाना वैसा ही है जैसा कि सांड को मिट्टी के बर्तनों की दुकान में हांक देना. समिति बोल्टन की नियुक्ति को अपनी मंज़ूरी देनी है लेकिन उससे पहले बोल्टन को अपना पक्ष रखना है. बोल्टन से बहस के बाद कम से कम एक रिपब्लिकन सांसद ने भी कहा कि वो बोल्टन की नियुक्ति के ख़िलाफ़ वोट डाल सकते हैं. अगर समिति के सभी डेमोक्रेट सदस्यों ने बोल्टन का विरोध किया तो उनकी नियुक्ति नहीं हो सकेगी. बोल्टन ने सीनेट की समिति से कहा बुश प्रशासन संयुक्त राष्ट्र को अपनी कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है. उन्होंने कहा " अगर मेरी नियुक्ति की पुष्टि हो जाती है तो मैं संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम करने के राष्ट्रपति की दृष्टि को लागू करुंगा. " हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र तभी प्रभावी हो सकता है जब उसे अमरीकी नेतृत्व मिले. उन्होंने कहा कि इस समय संयुक्त राष्ट्र रास्ते पर नहीं है. संगठन का सम्मान बोल्टन पर हमेशा से संयुक्त राष्ट्र का आदर नहीं करने के आरोप लगते रहे हैं. उनसे सीनेट की समिति ने इसी संबंध में सवाल पूछे. इसके अलावा विदेश विभाग के गुप्तचर अधिकारियों के इस्तेमाल के बारे में भी उनसे सवाल पूछे गए. बोल्टन पर एक गुप्तचर अधिकारी का तबादला करने की कोशश करने के आरोप लगे थे. बीबीसी के संवाददाता जस्टिन वेब कहते हैं कि बोल्टन के आलोचक इस मुद्दे का इस्तेमाल करके कह रहे हैं कि बोल्टन किसी की राय नहीं मानते. बोल्टन ने पूर्व में एक बार कहा था कि अगर न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र की 38 फ्लोर वाली इमारत के 10 माले गिर भी जाएं तो इससे किसी को फ़र्क नहीं पड़ेगा. इस बारे में पूछे जाने पर बोल्टन ने कहा " मैं यह बताने की कोशिश कर रहा था कि दुनिया में कोई भी ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है जिसे अधिक प्रभावी बनाया जा सके. " समिति से वरिष्ठतम डेमोक्रेट सांसद जोसफ बीडेन ने कहा कि उन्हें इस बात से आश्चर्य है कि संयुक्त राष्ट्र के बारे में इतनी नकारात्मक बातें कहने के बाद भी बोल्टन अपनी नियुक्ति इसी संगठन में चाहते हैं. |
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