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शरण माँगने वालों की संख्या गिरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थियों से संबंधित संस्था के आँकड़ों से पता चला है कि विकसित देशों में शरण लेने वाले लोगों की संख्या में भारी गिरावट आई है. दुनिया के 36 अमीर देशों में शरण ढ़ूँढ़ने वाले लोगों की संख्या पिछले साल लगभग बीस प्रतिशत घटी है. सबसे अधिक कमी ब्रिटेन में देखी गई जहाँ शरण लेने वालों की संख्या लगभग 41 प्रतिशत गिरी. लेकिन इसके बावजूद शरण माँगने वालों के सबसे अधिक आवेदन ब्रिटेन के लिए आए. इनकी संख्या 61 हज़ार थी. जर्मनी और नीदरलैंड में भी शरण माँगने वालों की संख्या लगभग 30 प्रतिशत गिरी है. संयुक्त राष्ट्र की इस संस्था के अनुसार इराक़ से पलायन करने वालों की संख्या में लगभग पचास प्रतिशत की गिरावट आई. बताया गया है कि अफ़ग़ानिस्तान और पूर्व यूगोस्लाविया में स्थिति बेहतर होने के कारण शरण माँगने वालों की संख्या गिरी है. ये तथ्य भी सामने आया कि अब शरणार्थियों की सबसे अधिक संख्या चेचन्या से है. संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने उम्मीद जताई है कि इन आँकड़ों के सामने आने के बाद यूरोपीय संघ के शरणार्थियों के प्रति रवैए में बदलाव आएगा. |
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