BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 29 मार्च, 2005 को 05:42 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
इंडोनेशिया के भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़ी
भूकंप
इंडोनेशिया के आचे प्रांत में भूकंप के बाद लोगों में दहशत फैल गई
इंडोनेशिया में सोमवार की रात आए भूकंप के विनाशकारी प्रभाव की जानकारी अब धीरे धीरे मिल रही है.

पश्चिमी इंडोनेशिया का न्यास प्रांत 8.7 की तीव्रता वाले इस भूकंप में सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है जहां, समझा जा रहा है कि एक हज़ार लोगों की जानें जा चुकी हैं.

पहले यहां तीन से चार सौ लोगों के मारे जाने की ख़बर थी लेकिन इंडोनेशिया के उप राष्ट्रपति युसुफ कल्ला ने बीबीसी को बताया कि "मरने वालों की संख्या एक से दो हज़ार तक हो सकती है."

कल्ला का कहना था कि इस शहर में कई इमारतें टूट गई हैं और हो सकता है कि सैकड़ों लोग इन इमारतों में फंसे हों.

कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि न्यास की राजधानी गुनुंगित्सोली की 80 प्रतिशत इमारतें ढह गई हैं.

राष्ट्रपति सुसीलो बामबांग युद्धोयोनो ने इलाक़े में आपातकाल लगा दिया है और अपनी आस्ट्रेलिया यात्रा रद्द कर दी है.

भूकंप के बाद सूनामी की चेतावनी दी गई थी लेकिन सूनामी का ख़तरा टल गया.

पिछले साल दिसंबर महीने में समुद्र में ऐसा ही भूकंप आने के बाद सूनामी लहरें आई थी और एक लाख से अधिक लोग मारे गए थे.

इंडोनेशिया के सूदूर में बसा न्यास पर्यटन के लिहाज़ से काफी लोकप्रिय है और इसी से आए पैसे के कारण अब इस क्षेत्र में कई इमारतें बन गई थीं जबकि आम तौर पर यहां सीमेंट की बड़ी बिल्डिंगों का चलन नहीं है.

रिपोर्टों के अनुसार पारंपरिक तरीके से बनाई गई इमारतों को नुकसान कम हुआ है लेकिन कंक्रीट की इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं.

राहत सहायता

दिसंबर की सूनामी लहरों के बाद हजारों राहतकर्मी अब भी न्यास से सटे बांदा आचे में हैं और राहत का काम देख रहे हैं. इसका फायदा न्यास को हुआ और तत्काल हर तरह की मदद न्यास के लोगों को मिलनी शुरु हो गई.

मगर इसके अलावा इंडोनेशिया में कहीं और से किसी बड़ी तबाही के समाचार नहीं हैं.

सूनामी लहरों की चेतावनी संबंधी प्रणाली की परीक्षा भी सोमवार के भूकंप के बाद हुई. यह देखने का मौका मिला कि पिछले तीन महीने में सूनामी लहरों के बाद क्या बदला है.

अभी तक नई प्रणाली ने पूर्ण रुप से काम करना शुरु नहीं किया है लेकिन अधिकारियों ने सोमवार को बड़ी तेज़ी से लोगों को जानकारी देनी शुरु की और मिनटों में भारत, श्रीलंका, मालदीव और थाईलैंड जैसे देशों के पास सूचना और चेतावनी पहुंच गई थी.

हिंद महासागर के तटीय इलाक़ों में लोगों ने घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर जाना शुरु कर दिया . थाइलैंड में तो कुछ ही घंटों में पूरा इलाका खाली करा लिया गया था लेकिन अब लोग वापस लौट रहे हैं.

प्रशांत महासागर में सूनामी की चेतावनी देनेवाले केंद्र ने कहा है कि अभी तक भूकंप के केंद्र के समीप किसी तरह की बड़ी समुद्री लहर उठती नहीं देखी गई है.

इंडोनेशिया के भूकंप के बाद भारत में भी पूरी सतर्कता बरती गई मगर किसी भी जगह से किसी बड़ी घटना की कोई ख़बर नहीं आई है.

दहशत

News image
भूकंप के बाद आस-पास के सभी क्षेत्रों में चेतावनी जारी की गई

यह भूकंप भारतीय समय के अनुसार रात के लगभग नौ बजकर चालीस मिनट पर आया जबकि इंडोनेशिया में उस समय रात के लगभग सवा ग्यारह बज रहे थे.

भूकंप इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से 1400 किलोमीटर की दूरी पर आया है, इस भूकंप के झटके जकार्ता में तो नहीं लेकिन पड़ोसी देश मलेशिया में महसूस किए गए.

ख़बर फैलते ही इन क्षेत्रों में आम लोगों में दहशत फैल गई.

इंडोनेशिया में पिछले साल सबसे अधिक तबाही वाले शहर बंदा आचे तथा कई और क्षेत्रों में लोग सड़कों पर निकलकर भागने लगे.

लेकिन अभी इन क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.

भूकंप के बाद दहशतकैसा था भूकंप
इंडोनेशिया में आए भूकंप के बाद की स्थिति का वीडियो देखिए.
सूनामी ने बदला मानचित्र
हिंद महासागर के भूकंप और सूनामी लहरों ने दूनिया का मानचित्र बदल दिया
सूनामीसूनामी को समझिए!
विशेष ग्राफ़िक के ज़रिए समझिए कि सूनामी ने कैसे तबाही मचाई.
आठ दिन समुद्र में
इंडोनेशिया के एक व्यक्ति को आठ दिन बाद समुद्र से निकाला गया
तबाहीमहाविनाश: 2004
एशियाई देशों में आई प्राकृतिक आपदा पर बीबीसी हिंदी का विशेष संकलन.
इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>