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शुक्रवार, 31 दिसंबर, 2004 को 09:52 GMT तक के समाचार
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'मृतकों की सही संख्या जानना असंभव'
मेलाबो शहर
भूकंप के केंद्र का सबसे नज़दीकी शहर मेलाबो लगभग पूरी तरह से तबाह हो गया है
इंडोनेशिया सरकार ने पहली बार ये कहा है कि वे भूकंप और सूनामी के प्रकोप से मारे गए लोगों की सही संख्या का पता नहीं लगा सकते.

इंडोनेशिया के उपराष्ट्रपति युसूफ़ काला ने आचे प्रांत की राजधानी बंदा आचे में कहा कि मरनेवालों की संख्या कम-से-कम एक लाख हो सकती है जो अभी के सरकारी आँकड़ों से 20,000 अधिक है.

इंडोनेशियाई उपराष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिमी सुमात्रा के तट के हवाई सर्वेक्षण के आधार पर ये अनुमान लगाया जा रहा है.

26 दिसंबर को इंडोनेशिया के पास आए भूकंप और उससे उठे समुद्री तूफ़ान के कारण अलग-अलग देशों में मरनेवालों की कुल संख्या 1,20,000 को पार कर गई है.

राहत संस्थाओं का कहना है कि अभी प्रभावित इलाकों में से कुछ जगह पहुँचने में और कई दिन लग सकते हैं.

इस बीच इंडोनेशियाई नौसेना के तीन जहाज़ पहली बार मेलाबो शहर पहुँचे जो भूकंप के केंद्र के सबसे नज़दीक का शहर है.

वहाँ पहुँचे सैनिकों ने बताया कि शहर का 90 फ़ीसदी हिस्सा पूरी तरह तबाह हो चुका है.

एक मोटरबाइक से जंगल के रास्ते मेलाबो पहुँचनेवाले एक फ़ोटोग्राफ़र ने ख़बर दी है कि वहाँ जीवित बचे लोगों को तूफ़ान के बाद से कुछ खाने को नहीं मिला है.

श्रीलंका

श्रीलंका का झुका झंडा
श्रीलंका में मृतकों और प्रभावितों के लिए शोक मनाया जा रहा है और झंडे झुकाए गए हैं

श्रीलंका में सूनामी लहरों के कारण मारे गए लोगों की याद में शोक मनाया जा रहा है.

सरकार का कहना है कि देश में 28,000 लोग मारे गए हैं.

शुक्रवार को सभी धर्मों के नेता श्रीलंका में मारे गए लोगों और आपदा पीड़ितों के लिए प्रार्थनाएँ कर रहे हैं.

श्रीलंका सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब ट्रकों में राहत सामग्रियाँ आनी शुरू हो गई हैं मगर अभी भी कई ऐसे इलाक़े हैं जहाँ सड़क संपर्क बहाल नहीं हो सका है.

प्रवक्ता ने कहा कि अधिकतर लोगों को अब भोजन-पानी मिल पा रहा है मगर अभी लगभग पाँच लाख बेघरों के लिए आश्रय के प्रबंध की चुनौती बनी हुई है.

अंतरराष्ट्रीय प्रयास

श्रीलंका में राहत
राहत सामग्रियों को अभी भी दूरवर्ती इलाक़ों तक पहुँचाने में समस्या आ रही है

दक्षिए एशिया में आई प्राकृतिक विपदा का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तेज़ी लाई जा रही है.

इसी सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान शुक्रवार को अमरीकी विदेश सचिव कॉलिन पॉवेल से मिल रहे हैं.

दोनों नेता मिलकर ये देखेंगे कि संयुक्त राष्ट्र कैसे अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान के गठबंधन के साथ मिलकर राहत कार्यों में मदद कर सकता है.

इंडोनेशिया में अगले महीने सप्ताह छह जनवरी को एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन कराए जाने की भी घोषणा की गई है.

इसके पहले कोफ़ी अन्नान ने दुनिया के तमाम देशों से अभूतपूर्व सहयोग और पुनर्निमाण के लिए दीर्घकाल तक वादे करने का अनुरोध किया था.

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जगत ने बहुत बढ़-चढ़कर सहयोग दिया है और अभी तक पाँच अरब डॉलर की राहत राशि जमा हो चुकी है जिसमें से आधी रकम विश्व बैंक दे रहा है.

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